
New Delhi, 5 अक्टूबर . केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने Monday को कहा कि गुणवत्ता, मानक और नवाचार ही ‘विकसित India 2047’ के निर्माण की मजबूत नींव हैं. उन्होंने कहा कि India की वैश्विक पहचान केवल उत्पादन क्षमता से नहीं, बल्कि गुणवत्ता और विश्वसनीयता से बनेगी. इसी दिशा में इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (आईएफक्यूएम) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
मीडिया से बातचीत में Union Minister ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश में एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित हो रहा है जो गुणवत्ता, उत्कृष्टता और मानकीकरण को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने कहा कि आपूर्ति शृंखलाओं, उद्योगों और संस्थानों में गुणवत्ता-आधारित संस्कृति विकसित करने के प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
उन्होंने आईएफक्यूएम की सराहना करते हुए कहा, “यह संस्था इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि गुणवत्ता और मानकों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण कैसे किया जा सकता है.” उन्होंने कहा कि India को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने के लिए गुणवत्ता को हर स्तर पर प्राथमिकता देनी होगी.
Union Minister ने कहा कि मोबाइल प्रौद्योगिकी के इतिहास में पहली बार India केवल दूसरे देशों द्वारा तय किए गए मानकों का पालन करने वाला देश नहीं रह गया है.
उन्होंने कहा, “2जी, 3जी, 4जी और 5जी के दौर में India मानक निर्धारण की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था, लेकिन 6जी के लिए स्थिति पूरी तरह बदल रही है. अब India वैश्विक मानक निर्धारण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन रहा है.”
सिंधिया ने कहा कि India अब केवल ‘स्टैंडर्ड टेकर’ नहीं बल्कि ‘स्टैंडर्ड मेकर’ और तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित करने वाला देश बन रहा है. यह India की तकनीकी क्षमता और अनुसंधान शक्ति का बड़ा संकेत है.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि India का लक्ष्य वैश्विक 6G तकनीक से जुड़े कुल पेटेंट्स में 10 प्रतिशत योगदान देना है.
उन्होंने बताया कि India 6जी एलायंस इस दिशा में लगातार काम कर रहा है और India पहले ही कई वैश्विक पेटेंट दाखिल कर चुका है. उनके अनुसार, यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि India को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में नेतृत्वकारी भूमिका दिलाने का प्रयास है.
इस बीच, आईएफक्यूएम संगोष्ठी 2026 को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि गुणवत्ता मानक किसी भी देश के ब्रांड मूल्य को निर्धारित करते हैं और India के लिए यह “ब्रांड इंडिया” को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि ‘विकसित India 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुणवत्ता-आधारित सोच को हर क्षेत्र में बढ़ावा देना होगा.
सिंधिया ने कहा, “गुणवत्ता, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व का संयोजन India को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला सकता है. यदि India विश्वस्तरीय मानकों को अपनाने के साथ-साथ उन्हें निर्धारित करने में भी अग्रणी भूमिका निभाता है, तो “ब्रांड इंडिया” की विश्वसनीयता और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे.”
उन्होंने कहा कि ‘विकसित India 2047’ का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि India को गुणवत्ता, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है.
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डीबीपी
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