भारत को जोड़ने का सूत्र है हिंदी भाषा : मुख्यमंत्री

ग्वालियर में हिंदी साहित्य सभा भवन के लिये 7 करोड़ की घोषणा, हिंदी भाषा सम्मान से सात हिंदी सेवी सम्मानित

भोपाल . मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि हिंदी भाषा भारत को जोड़ने वाला सूत्र है. मध्य प्रदेश में हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने और साहित्य को समृद्ध बनाने की परंपरा को जारी रखा जायेगा. मुख्यमंत्री आज यहाँ तीन दिवसीय मध्य प्रदेश साहित्योत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे.

hindi-samman उन्होंने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की भावना के अनुरूप ग्वालियर में हिंदी साहित्य सभा के भवन निर्माण के लिये सात करोड़ रूपये देने की घोषणा की. कार्यक्रम में हिंदी भाषा सम्मान से सात हिंदी सेवियों को सम्मानित किया गया.

श्री चौहान ने कहा कि हिंदी का एक दिन क्यों हो, हिंदी का हर दिन होना चाहिये. महात्मा गांधी और सुभाष चन्द्र बोस जैसे अनेक महापुरूषों ने हिंदी को भारत को जोड़ने वाली भाषा माना है. दुनिया का हर देश अपनी भाषा में बोलता है. खुद की भाषा में विचारों का प्रकटीकरण जितने अच्छे से होता है. दूसरी भाषा में नहीं हो सकता.

उन्‍होंंनेे कहा कि शिक्षा की भाषा हिंदी होना चाहिये. संकल्प लें कि हिंदी को व्यवहार में लायेंगे और समृद्ध बनायेंगे. जब अपनी भाषा समृद्ध होगी, तो साहित्य और संस्कृति भी समृद्ध होगी. साहित्य सृजन मनुष्यता का महत्वपूर्ण आयाम है. पुराने साहित्यकारों के सृजन को प्रकाशित करने का क्रम जारी रहेगा. हमारे यहाँ हजारों वर्ष पहले वसुधैव कुटुम्बकम और विश्व कल्याण की बात कही गयी है.

कार्यक्रम में मुख्य सचिव बीपी सिंह ने कहा कि विश्व हिंदी सम्मेलन 2016 की घोषणा के अनुरूप प्रदेश में हिंदी अलंकरण दिवस मनाया जा रहा है. जिन साहित्यकारों ने हिंदी भाषा को गढ़ने का कार्य किया है और अब वे विस्मृत हो गये हैं. प्रदेश में हिंदी भाषा और हिंदी साहित्य का सेवा कार्य आगे भी जारी रहेगा. अपर मुख्य सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने साहित्योत्सव की रूपरेखा बतायी.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय गुरूभक्त सिंह भक्त की समग्र पुस्तक का विमोचन किया. इस पुस्तक का प्रकाशन मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य परिषद द्वारा किया गया है.

हिंदी भाषा सम्मान के अंतर्गत वर्ष 2017-18 के लिये सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान डॉ. अनुराग सीठा को, निर्मल वर्मा सम्मान डॉ. रामप्रसाद भट्ट को, फादर कामिल बुल्के सम्मान प्रो. जियांग जिंगकुई को, गुणाकर मुले सम्मान डॉ. शिव चन्द्र दुबे को तथा हिंदी सेवा सम्मान डॉ छबिल कुमार मेहेर को प्रदान किया गया.

कार्यक्रम को स्वर्गीय गुरूभक्त सिंह भक्त के पुत्र आनंद सिंह ने भी संबोधित किया. आभार प्रदर्शन मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य परिषद के निदेशक उमेश कुमार सिंह ने किया.



Report By Udaipur Kiran

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