एक लाख की रिश्वत लेते महिला सरपंच सहित पूर्व सरपंच गिरफ्तार

उदयपुर/चित्तौडग़ढ़. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने शुक्रवार दोपहर चित्तौड़गढ़ जिले की भदेसर पंचायत समिति क्षेत्र में स्थित बागुंड ग्राम पंचायत की वर्तमान महिला सरपंच सहित पूर्व सरपंच को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. रिश्वत बागुंड क्षेत्र में स्थित एक जमीन का नामान्तरण व कृषि से आबादी में कन्वर्जन की एवज में ली गई थी. एसीबी वर्तमान व पूर्व सरपंच को गिरफ्तार कर तत्काल मंगलवाड़ थाने लेकर गई, जहां आवश्यक कार्रवाई की गई.

एसीबी उदयपुर के पुलिस उपाधीक्षक राजीव जोशी ने बताया कि उदयपुर निवासी भैरूसिंह ने गत 12 सितम्बर को कार्यालय में उपस्थित होकर रिपोर्ट दी थी. इसमें बताया कि प्रार्थी चित्तौडग़ढ़ जिले बागुंड में एक बीघा भूमि है. इस जमीन का नामान्तरण खुलवा इसे आबादी में कन्वर्जन भी करवाना था. इसके लिए प्रार्थी ने बागुंड सरपंच समरीदेवी से सम्पर्क किया. सरपंच ने कहा कि वह दस्तावेज पर हस्ताक्षर तो कर देगी लेकिन लेनदेन का सारा काम पूर्व सरपंच भैरूसिंह देखते हैं. इसलिए उन्हें पहले भैरूसिंह से बात करनी होगी. सरपंच के कहने पर प्रार्थी ने पूर्व सरपंच भैरूसिंह से सम्पर्क किया. इस दौरान पूर्व सरपंच ने भू रूपान्तरण व नामान्तरण के दो लाख रुपये रिश्वत के मांगे. काफी बात करने के बाद रिश्वत के एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ.

पुलिस उपाधीक्षक जोशी ने बताया कि यह शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका गुरुवार को ही सत्यापन कराया गया. इसमें दोनों से बात हुई, जो रिकॉर्ड हो गई. शुक्रवार को प्रार्थी रिश्वत की राशि लेकर बागुंड के निकट भादसोड़ा चौराहा पहुंचा व पूर्व सरपंच को फोन किया. कार्रवाई के लिए एसीबी की टीम भी पहुंच गई थी. पूर्व सरपंच भैरूसिंह ने अपने मकान के पास ही प्रार्थी को बुला कर एक लाख रुपये की रिश्वत ली. इसी दौरान इशारा पाकर एसीबी की एक टीम ने पूर्व सरपंच भैरूसिंह को गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही एसीबी की दूसरी टीम ने भी वर्तमान सरपंच समरीदेवी को गिरफ्तार कर लिया. यह क्षेत्र भादसोड़ा थाने के निकट पड़ता है कि लेकिन भीड़ से बचने के लिए एसीबी की आगे की कार्रवाई के लिए दोनों को लेकर मंगलवाड़ थाने लेकर पहुंची. यहां एसीबी की टीम ने आवश्यक कार्रवाई की. बाद में दोनों को लेकर उदयपुर रवाना हो गई. मौके पर पुलिस उप अधीक्षक राजीव जोशी के निर्देशन में सीआई हरिशचन्द्रसिंह व इंटलिजेंस यूनिट के सीआई रोशनलाल सामरिया के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमें गठित की गई थी.

एसीबी उदयपुर के पुलिस उपाधीक्षक राजीव जोशी ने बताया कि टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया व प्रार्थी से पूछताछ भी की थी. इसमें सामने आया कि पूर्व सरपंच दो लाख रुपए से कम लेने के लिए तैयार नहीं हो रहा था. पूर्व सरपंच ने यह तक कह दिया कि 50 हजार रुपए से कम का तो उसका कोई खाता ही नहीं है. एक काम के बदले में तो उसने 6 लाख रुपए भी लिए. ऐसे में एसीबी इन कार्यों की भी जांच कर सकती है.

मंदिर व सिक्सलेन के कारण महंगी जमीन

जानकारी में सामने आया कि बागुंड ग्राम पंचायत का काफी हिस्सा उदयपुर-चित्तौड़गढ़ फोरलेन पर स्थित है. यहां भादसोड़ा चौराहे पर श्री सांवलियाजी का प्राकट्यस्थल मंदिर भी है. साथ में वर्तमान में यहां फोरलेन से सिक्सलेन कन्वर्जन का काम भी चल रहा है. इससे कि यहां जमीनों के भाव आसमान पर हैं. इधर, डिप्टी जोशी ने बताया कि इस क्षेत्र में जमीन के भू रूपान्तरण व कन्वर्जन को लेकर काफी समय से रिश्वत का खेल चल रहा था.

Report By Udaipur Kiran

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