इसरो के पूर्व वैज्ञानिक को 50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

जासूसी कांड में बेदाग : सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज डीके जैन की अध्यक्षता में बनी कमेटी केरल पुलिस द्वारा नंबी नारायण को गिरफ्तार करने के मामले की जांच करेगी

नई दिल्ली, 14 सितंबर (उदयपुर किरण). जासूसी कांड के आरोप से दोषमुक्त हुए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को सुप्रीम कोर्ट ने 50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज डीके जैन की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जो केरल पुलिस के अधिकारियों द्वारा नंबी नारायण को गिरफ्तार करने के मामले की जांच करेगा. नंबी नारायण की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 10 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

नंबी नारायण ने अपनी अर्जी में केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यू और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. सिबी मैथ्यू ने जासूसी कांड की जांच की थी. नंबी नारायण ने केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि डीजीपी सिबी मैथ्यू और दो रिटायर्ड पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की कोई जरुरत नहीं है. इन अफसरों को सीबीआई ने नंबी नारायण की गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार बताया था.

1998 में सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी मामले में मुक्त होने के बाद नंबी नारायण को एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था. बाद में नंबी नारायण ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया और राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मार्च 2001 में नंबी नारायण को दस लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया.

Report By Udaipur Kiran

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