जेल के खाने में ही छिपाकर आतंकी आफताब तक पहुंचता था मोबाइल!

कोलकाता, 14 सितम्बर‌ (उदयपुर किरण). अमेरिकन सेंटर हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी के पास अलीपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल कहां से आया, इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगभग अंतिम नतीजे पर पहुंच चुकी हैं. शुक्रवार को जेल सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जांच में यह बात स्पष्ट हो गई है कि उसे सुबह और शाम मिलने वाले खाने‌ चावल और रोटी में छिपाकर ही उसके पास मोबाइल फोन और सिम कार्ड पहुंचाए गए थे. 31 अगस्त की रात अलीपुर सेंट्रल जेल में अाफ्ताब अंसारी के सेल से तीन स्मार्टफोन और 33 सिम कार्ड बरामद हुए थे. इन मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है‌ कि जेल में बैठकर ही आफताब अंसारी पाकिस्तान के आतंकियों को फोन किया करता था. इसके बाद जेल प्रबंधन ने बिना देरी किए उसे अलीपुर सेंट्रल जेल से निकालकर 11 सितम्बर को ही प्रेसिडेंसी जेल में शिफ्ट कर दिया है. वहां भी उसके उस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उसे सुबह चावल और रात को मिलने वाली रोटी को जेल के अंदर देने से पहले वहां तैनात सुरक्षाकर्मी हर हाल में उसकी जांच कर रहे हैं. यहां तक की आफताब अंसारी के सेल नंबर 1/12 की सुरक्षा में 10 से अधिक वार्डन को लगाया गया है जो प्रति दो घंटे के अंदर पर बदलते रहते हैं. कोई भी वार्डन अगर लंबे समय तक ड्यूटी पर तैनात रहता है तो उसे आफताब अंसारी बरगलाकर मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित सामान मंगा सकता है. इस की आशंका के मद्देनजर लगातार वार्डन बदले जा रहे हैं.
प्रेसीडेंसी जेल प्रबंधन के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यहां जिस सेल में आफताब अंसारी को रखा गया है उसमें छत्रधर महतो और अन्य माओवादी बंद हैं. सुबह के समय ही सेल का दरवाजा खोल दिया जाता है एवं जेल की चारदीवारी की खुली जगह में छत्रधर महतो और अन्य माओवादी निकलते हैं और नारेबाजी करते हैं. लेकिन आफताब अंसारी को जेल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है. उसे जिस कमरे में रखा गया है वहां लगातार पहरा है एवं उसकी प्रत्येक गतिविधि पर सुरक्षा में तैनात वार्डन नजर रख रहे हैं. उसकी गतिविधि से संबंधित दैनिक रिपोर्ट जेल विभाग के एडीजी अरुण गुप्ता तक पहुंचाई जा रही है.

दुबई से पकड़ा गया था आफताब अंसारी
-ज्ञात हो कि कोलकाता में 22 जनवरी 2002 में अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले का मास्टरमाइंड अंसारी को दुबई से पकड़ा गया था और उसे 09 फरवरी 2002 को भारत लाया गया था. वह आतंकी समूह आसिफ रजा कमांडो फोर्स से जुड़ा हुआ था, जिसके कथित रूप से हरकत उल-जेहादी ए इस्लाम से संबंध थे. निचली अदालत ने आफताब अंसारी को सजा-ए-मौत दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मई 2010 में आफताब अंसारी की मौत की सजा रद्द कर दी थी एवं उसे मरणोपरांत जेल में रखने की सजा सुनाई. उसके बाद से वह लगातार अलीपुर जेल में बंद है.
इस मामले में आफताब अंसारी के साथ सादिक शेख को भी गिरफ्तार किया गया था. सादिक ने कबूल किया था कि आफताब अंसारी के कहने पर ही उसने अमेरिकन सेंटर पर हमला किया था. इस हमले में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी.

Report By Udaipur Kiran

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