श्रीजी लैंड स्कवायर एवं एस.आर. स्कवायर कम्पनी के खिलाफ आदेश, दो माह में फ्लेट का कब्जा व रजिस्ट्री कराए कम्पनी

उदयपुर. शिकारबाड़ी रोड़ पर मैसर्स श्रीजी लैंड स्कवायर प्रा.लि. एवं मैसर्स ए.आर. स्कवायर लैंड प्रा.लि. द्वारा फ्लेट बुकिंग के बाद भी निर्धारित अवधि में फ्लेट का कब्जा नहीं देकर अनैतिक तौर पर दस लाख रूपए की मांग करने के मामले में स्थाई लोक अदालत ने फरियादी के परिवाद को स्वीकार कर दोनों के खिलाफ आदेश पारित कर फरियादी को क्षतिपूर्ति के एक लाख रूपए एवं आवेदन खर्च के पांच हजार रूपए दो माह में अदा करने के आदेश दिए. साथ ही फ्लेट की भुगतान की गई राशि की तिथि से कब्जे तिथि तक 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए. साथ ही दो माह में फ्लेट को पूर्ण कर कब्जा सुपुर्द कर रजिस्ट्री कराने के आदेश दिए.

प्रकरण के अनुसार आजाद नगर गज सिंह जी की बाड़ी सज्जनगढ़ निवासी राजेश पुत्र चंद्रकांत धड़के ने मैसर्स श्रीजी लैंड स्कवायर प्रा.लि. शिकारबाड़ी जरिये निदेशक हिरणमगरी सेक्टर-13 निवासी आशीष पुत्र मदनमोहन शर्मा एवं मैसर्स एस.आर. स्कवायर लैंड प्रा.लि. शिकारबाड़ी जरिये निदेशक अमिताभ गोयल और एस.आर. बिल्ड होम प्रा.लि. मिड टाऊन कॉम्पलेक्स उदियापोल के खिलाफ स्थाई लोक अदालत में गत वर्ष 27 सितम्बर को परिवाद पेश किया. परिवाद में बताया कि शिकारबाड़ी रेजीडेंसी में 29 सितम्बर 2014 को 103 नम्बर का फ्लेट विक्रय अनुबंध किया और 35 लाख रूपए का निर्धारित अवधि में भुगतान किया गया. तय राशि के अतिरिक्त बिल्डर्स दस लाख रूपए और अदा करने की मनमानी शर्तें आरोपित कर दी. पूर्ण भुगतान करने के बाद केवल पंजीयन के दौरान मात्र सोसायटी चार्ज ही परिवादी को दिया जाना था. निर्धारित अवधि चार माह में कब्जा नहीं दिया गया, कभी बताया कि पास स्थित सैनिक छावनी की ओर से स्थगन होने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हुआ, कभी हाईकोर्ट से स्टे होना बताया, लेकिन लिखित में कुछ नहीं दिया. इस दौरान दबाव में राजकीय आवास खाली कर किराये पर रहना पड़ा. 25 जून 2017 को प्रतिवादियों ने फ्लेट का कब्जा संभालने के लिए कहा. फ्लेट का अवलोकन करने पर अंदर टूट-फूट, लाईट फिटिंग, दरवाजे की चौखटें नहीं थी, लॉबी में बरसात का पानी भरा था व वायरगेज नहीं थे. विपक्षी से जब इन कमियों को दूर करने के लिए कहा तो उन्होंने इन कमियों को दूर करने के लिए दस लाख रूपए की मांग की, इसके उपरान्त फ्लेट का कब्जा व रजिस्ट्री कराने की बात कही. फरियादी ने न्यायालय को बताया कि 15 फरवरी 2015 से उसे दस हजार रूपए प्रतिमाह के हिसाब से 30 माह तक करीब तीन लाख रूपए का नुकसान हुआ. इसके अलावा किराये की राशि अदा की गई.

स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष के.बी. कट्टा एवं सदस्य सुशील कोठारी ने फरियादी के परिवाद को स्वीकार करते हुए मैसर्स श्रीजी लैंड स्कवायर प्रा.लि. शिकारबाड़ी के निदेशक हिरणमगरी सेक्टर-13 निवासी आशीष पुत्र मदनमोहन शर्मा एवं मैसर्स एस.आर. स्कवायर लैंड प्रा.लि. शिकारबाड़ी जरिये निदेशक अमिताभ गोयल के खिलाफ आदेश पारित कर दो माह में फ्लेट को पूर्ण कर शर्तानुसार कब्जा सुपुर्द कराकर फरियादी के पक्ष में रजिस्ट्री कराएगा. साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रूपए एवं आवेदन खर्च पर पांच हजार रूपए अदा करने के आदेश दिए. आदेश में यह भी कहा गया कि निदेशक आशीष शर्मा विक्रय राशि 35 लाख रूपए पर भुगतान की गई राशि तिथि से 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा. आदेश में यह भी कहा गया कि कब्जा यदि फ्लेट की स्थिति या परिस्थिति के मूल अनुबंध के अधीन कोई आंशिक कमी या प्रतिकूलता पाता है तो फरियादी पृथक से विधिक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा.

Report By Udaipur Kiran

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