
New Delhi, 20 सितंबर . वित्त मंत्रालय ने 28 सितंबर से प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल से पहले तैयारियों और आकस्मिक योजनाओं की समीक्षा के लिए Monday को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और नाबार्ड के मुख्य कार्यकारियों की बैठक बुलाई है.
वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता और ग्राहकों के लिए आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है.
अधिकारी व्यवधान को कम करने के लिए आकस्मिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं. खास तौर पर इसलिए क्योंकि प्रस्तावित हड़ताल बैंकों के छमाही समापन की अवधि के साथ पड़ रही है.
हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है. यह सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का संयुक्त संगठन है.
यूनियनों ने कई मांगें उठाई हैं, जिनमें पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है. इसी मांग को लेकर यूएफबीयू ने इससे पहले 11 सितंबर को भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की थी.
पिछली हड़ताल से देश के कई हिस्सों में बैंक शाखाओं में काउंटर सेवाएं, नकद लेनदेन और चेक क्लियरेंस प्रभावित हुए थे.
हालांकि, Mumbai में बैंकिंग परिचालन काफी हद तक सामान्य रहा, लेकिन Madhya Pradesh, गोवा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में व्यवधान की खबरें सामने आई थीं. खासकर छोटे शहरों और कस्बों में इसका असर देखा गया.
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के अलावा यूनियनें पेंशन लाभों में सुधार, पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (डीए) फॉर्मूला लागू करने और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प देने की मांग कर रही हैं. यूएफबीयू का दावा है कि वह देश के करीब 90 प्रतिशत बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है.
प्रस्तावित हड़ताल का ग्राहकों पर व्यापक असर पड़ सकता है, क्योंकि 26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत है. ऐसे में 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक सामान्य शाखा परिचालन प्रभावित रह सकता है. इससे चेक प्रोसेसिंग, नकद लेनदेन और शाखाओं पर निर्भर अन्य सेवाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
यूनियनों ने 26 अगस्त को हड़ताल का नोटिस दिया था. इसके बाद यूनियन प्रतिनिधियों, आईबीए और सरकारी अधिकारियों की भागीदारी में सुलह बैठकें हुईं. हालांकि, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका.
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एबीएस
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