2030 तक बिहार के युवाओं को प्रदेश में ही मिलेगा रोजगार, उद्योगों का हब बनेगा राज्य: सीएम सम्राट चौधरी

मुजफ्फरपुर, 15 अक्टूबर . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Thursday को मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल औद्योगिक क्षेत्र में 140.95 करोड़ रुपए की लागत से विकसित मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर और साझा सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया.

इस मौके पर उन्होंने कहा कि Government का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले बिहार से बाहर मजदूरी करने जाने वाले लोगों को राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराना है. इसके लिए बिहार में उद्योगों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा और प्रदेश को औद्योगिक हब बनाया जाएगा.

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के लोगों में प्रतिभा और काम करने की क्षमता है. जरूरत उन्हें अपने राज्य में रोजगार और उद्यम के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की है. Government निवेशकों के प्रस्तावों का परीक्षण करेगी और जरूरत के अनुसार 30 दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्र के लिए नीति बनाने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने उद्योगपतियों से बिहार में निवेश करने और औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए आधारभूत संरचना का विस्तार किया जा रहा है. Government का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र को लगभग 10,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराना है. इसके अलावा, वर्ष 2030 से पहले राज्य में 1,000 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने की योजना है.

उन्होंने कहा कि इससे बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं पैदा होंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर से Patna और Patna से गया तक रैपिड रेल चलाने की योजना पर काम किया जाएगा. इससे तीनों शहरों के बीच आवागमन आसान होगा और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर के पताही में हवाई संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है. शहर में ड्राई पोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, विपणन और निर्यात को बढ़ावा मिल सके.

Chief Minister ने कहा कि गयाजी में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है. मुजफ्फरपुर और दरभंगा में भी ऐसे औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने जिला प्रशासन को उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि भूमि आवंटन में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि Government युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहायता भी दे रही है. उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें पांच लाख रुपये अनुदान और शेष पांच लाख रुपये कम ब्याज पर उपलब्ध कराए जाते हैं.

उन्होंने युवाओं से अपने शोध, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े प्रस्ताव Government के समक्ष रखने की अपील की, ताकि उनके विचारों को उद्योग और रोजगार सृजन से जोड़ा जा सके. Chief Minister ने कहा कि बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी की जरूरतों को पूरा करने और युवाओं को अवसर देने के लिए औद्योगिक विकास आवश्यक है. Government एमएसएमई, भारी उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना से न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी.

कार्यक्रम के दौरान Chief Minister ने कॉमन फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया. औद्योगिक इकाइयों को शेड और भूमि आवंटन पत्र वितरित किए गए. उद्योग विभाग और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के बीच समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए. उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, राजस्व में वृद्धि होगी और विकसित India का सपना साकार करने में मदद मिलेगी.

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एमएनपी/डीकेपी