
Lucknow/वाराणसी/गाजीपुर, 27 सितंबर . उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर Political बयानबाजी तेज हो गई है. Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रदेश Government के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने पलटवार किया. नेताओं ने Samajwadi Party पर संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आरोप लगाया.
वाराणसी में यूपी Government के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने से बात करते हुए कहा कि Samajwadi Party और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अभी तक वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मिली हार को स्वीकार नहीं कर पाए हैं. हार के बाद संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना सपा की आदत बन गई है.
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि देश में पहले भी अलग-अलग समय पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रियाएं होती रही हैं. उन्होंने सवाल किया कि 1952, 1957, 1961, 1965 और 2003 में जब अलग-अलग Governmentें सत्ता में थीं, तब क्या इस तरह का पुनरीक्षण नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर Political आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए.
गाजीपुर में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने Samajwadi Party की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में अराजक तत्वों की भरमार है. राय ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने कथित अराजकता के खिलाफ तत्कालीन Government को सत्ता से हटाने का फैसला किया था.
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता से दूर रहने के कारण सपा के नेता बेचैन हैं और जब उनके सामने उनके Political कार्यों को लेकर सवाल उठते हैं तो वे आईना दिखाने वाले पर ही सवाल उठाने लगते हैं. उन्होंने इसे सपा की दुर्भावनापूर्ण कोशिश बताया और कहा कि समय के साथ जनता के सामने सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा.
कृष्ण बिहारी राय ने अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को हर जगह भ्रष्टाचार दिखाई देता है. राय ने कहा कि भाजपा ने जनसेवा के माध्यम से जनता का विश्वास हासिल किया है और लोगों को भाजपा के साथ शांति, सुरक्षा और विकास दिखाई देता है.
Lucknow में मंत्री संजय निषाद ने संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर कहा कि यदि किसी वर्ग या समुदाय को संविधान के तहत सुरक्षा प्रदान की गई है तो उसे समाप्त करने का कोई औचित्य नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को सम्मान, सुरक्षा, समानता, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का अधिकार देता है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाता है तो उसके पीछे ठोस कारण होना चाहिए.
संजय निषाद ने Samajwadi Party और कांग्रेस के Political संबंधों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि Samajwadi Party का गठन कांग्रेस की नीतियों के विरोध में हुआ था. उनके अनुसार, कांग्रेस पर वंचित और दलित समुदायों के साथ न्याय नहीं करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में Samajwadi Party पर भी इन्हीं समुदायों के हितों और प्रतिनिधित्व से जुड़े वादों को पूरा नहीं करने के आरोप लगे.
एसआईआर विवाद पर संजय निषाद ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहमति और असहमति दोनों प्रक्रिया का हिस्सा हैं. उन्होंने चुनाव आयोग को देश की संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि उसका दायित्व स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना है.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को ठोस प्रमाण सामने रखने चाहिए. संजय निषाद ने दावा किया कि चुनाव आयोग की नियुक्ति की व्यवस्था में अब संस्थागत प्रक्रिया और विपक्ष की भागीदारी सुनिश्चित है. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर वह चुनाव प्रक्रिया को सही मानता है, जबकि हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व Chief Minister अखिलेश यादव ने चुनाव में हुई धांधली को लेकर बंगाल व बिहार में दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग भी की है. इसके साथ ही कहा कि भाजपा वोटों का घोटाला कर रही है. इसके बाद भी आगामी विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में Samajwadi Party की Government बनना तय है.
–
Skip to content