
गोरखपुर, 23 सितंबर . यूपी के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को लेकर Samajwadi Party (सपा) पर एक बार फिर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि कहावत चल पड़ी थी, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई.’ अभिभावक बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे. तत्कालीन Government के गुंडों ने माहौल खराब कर रखा था. कई जिलों में बेटियों की पढ़ाई संकट में थी. सपा के शोहदे उन्हें परेशान करते थे, जबरन उठा ले जाते थे.
सीएम योगी ने कहा कि पूरे प्रदेश में गुंडागर्दी, जमीन पर कब्जे और अराजकता का माहौल था, जबकि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और अवैध कब्जे से मुक्त है. 2017 के बाद समाज और Government ने एक दिशा में काम किया तो इसके परिणाम सामने आए हैं. सीएम योगी Wednesday को चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे. 100 महिलाओं की क्षमता वाले सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त इस भवन के निर्माण पर 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपए की लागत आई है.
लोकार्पण समारोह में Chief Minister ने कहा कि घर छोड़ने को मजबूर किसी बेटी या घरेलू हिंसा की शिकार महिला को अब दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी. गोरखपुर में 100 बेड का राजकीय महिला शरणालय ऐसी महिलाओं का संबल बनेगा. आधी आबादी को सम्मान और सुरक्षा देने के साथ स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ाकर विकसित India की संकल्पना को पूरा करने के लिए Government लगातार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक Government उसके साथ खड़ी है. Chief Minister कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक बेटी के लिए 25 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है. Chief Minister सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपए की व्यवस्था की गई है. बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर की सुविधा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये पेंशन और प्रदेश में 65 लाख गरीबों को Prime Minister एवं Chief Minister आवास योजना के तहत आवास दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों को चुनने से अच्छी सुविधाएं मिलती हैं. कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को Government चार हजार रुपए प्रतिमाह सहायता दे रही है. ऐसे बच्चों को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं. सीएम योगी ने रोजगार को लेकर विपक्ष, खासकर सपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आप गिनते जाइए, हम नौकरी बांटते जाएंगे. आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवानों को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे.’ Chief Minister ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है. अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं. प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है. इनमें बड़ी संख्या में इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं. 24 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश का युवा अब नौकरी लेने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है.
सीएम योगी ने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी के रूप में महिलाएं स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं. नारी वंदन अधिनियम के जरिए Lok Sabha और विधानसभा में भी महिलाओं के प्रतिनिधित्व का रास्ता सुनिश्चित किया गया है. Chief Minister योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बच्चों को निगल जाती थी. अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बच्चों की मौत होती थी. Government के प्रयासों से आज मौत का आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है. उन्होंने गोरखपुर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में आए अभूतपूर्व बदलाव का भी उल्लेख किया. कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से वाराणसी की यात्रा अब करीब ढाई घंटे में पूरी हो रही है.
सीएम योगी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो या किसी कारण से परिवार से बिछड़ी बेटी, बहन अथवा बुजुर्ग महिला, यह शरणालय उनका सहारा बनेगा. उन्होंने शरणालय में रह रही एक बुजुर्ग महिला का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बोल नहीं पा रही हैं और उनके घर-पते की जानकारी नहीं है. ऐसे लोगों का संबंध Government बनती है और उन्हें उनके वैधानिक अभिभावकों से मिलाने का प्रयास करती है. Chief Minister ने महिला कल्याण विभाग से शरणालय का बेहतर संचालन करने की अपेक्षा की. इस अवसर पर Chief Minister ने वामन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीविष्णु के वामन अवतार का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों को बधाई दी. राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने से पूर्व Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने किशोरों के लिए निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया. 100 किशोरों की क्षमता वाले राजकीय संप्रेषण गृह का निर्माण 14 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से कराया जा रहा है.
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विकेटी/डीकेपी
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