
लेह, 13 जुलाई . केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने Monday को प्रशासनिक सुधारों और सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17 नई तहसीलों में तहसीलदारों की नियुक्ति, नए लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) डिवीजनों की स्थापना और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) अधिनियम के लाभों को सभी सात नए जिलों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
लेह में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य सचिव ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को गांवों और दूरदराज के इलाकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि सात नए जिलों के गठन के बाद 17 नई तहसीलों में अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं. इसके अलावा, पीएचई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के तहत चार नए और पीडब्ल्यूडी और Prime Minister ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पांच नए डिवीजन स्थापित किए गए हैं.
मुख्य सचिव ने सरकारी भर्तियों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से अब तक 4,011 ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के गैर-राजपत्रित पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं. 473 पदों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जबकि 484 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन जारी है. इसके अलावा 648 नए पदों के लिए भर्ती विज्ञापन पहले ही जारी किए जा चुके हैं.
उन्होंने बताया कि 27 ग्रुप-बी राजपत्रित पदों पर भर्ती पूरी हो चुकी है, जबकि 344 पदों का प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजा गया है. स्कूल शिक्षा विभाग में 262 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होगा और लद्दाख विश्वविद्यालय में 47 फैकल्टी पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी. Police विभाग में 40 सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए लगभग 7,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 341 constable और फायरमैन पदों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है.
आशीष कुंद्रा ने कहा कि लंबित पदोन्नतियों (डीपीसी) को शीघ्र पूरा करने के निर्देश विभागों को दिए गए हैं, ताकि कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिल सके. उन्होंने यह भी बताया कि लद्दाख की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई है.
मुख्य सचिव ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पारदर्शी शासन, विकेंद्रीकरण, रोजगार सृजन और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि एलएएचडीसी अधिनियम के लाभों को सभी नए जिलों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी तेजी से काम किया जा रहा है.
–
एससीएच/डीकेपी
Skip to content