
New Delhi, 16 सितंबर . बिहार Government में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Wednesday को दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की. उन्होंने बिहार में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना और डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया. Union Minister ने तिवारी की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और इस दिशा में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया.
मिथिलेश तिवारी ने जोशी से राज्य में 1520 भूमिहीन, भवनविहीन विद्यालयों में नए भवनों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया. उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों के लिए जमीन मिल चुकी है. भवन बन जाने से इन विद्यालयों के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. तिवारी ने 3818 आईसीटी लैब के निर्बाध संचालन के लिए 91.63 करोड़ रुपए की आवर्ती राशि तथा लंबित गैर-आवर्ती राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया. साथ ही, पहले से संचालित 784 आईसीटी लैब के लिए 18.82 करोड़ की आवर्ती राशि की स्वीकृति की मांग की.
शिक्षा मंत्री ने पीएम श्री विद्यालयों में 227 अतिरिक्त कक्षाओं, 525 विद्यालयों में खराब शौचालयों की मरम्मत, 836 विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड एवं इंटरैक्टिव लर्निंग पैनल तथा बैंड यूनिफॉर्म के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया.
उन्होंने 1275 विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक स्थलों को शीघ्र स्वीकृति देने, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति के लिए फेसियल रिकॉगनेशन सिस्टम के लिए 8.29 करोड़ की राशि जारी करने तथा भोजपुर, गया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, समस्तीपुर और औरंगाबाद के छह डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए 50.80 करोड़ की स्पिल ओवर राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया. उन्होंने उल्लास कार्यक्रम की अवधि 2027-32 तक बढ़ाने की भी मांग की.
जोशी के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद तिवारी की यह पहली मुलाकात थी. उन्होंने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को बधाई दी और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में प्रतिबद्धता के लिए आभार जताया. शिक्षा मंत्री ने जोशी को अपनी पुस्तक वन्दे मातरम् की प्रति भी भेंट की.
–
डीकेएम/डीकेपी
Skip to content