पश्चिम एशिया संघर्ष में 14 भारतीय नाविकों की मौत, दो अब भी लापता : विदेश मंत्रालय

New Delhi, 17 जुलाई . India Government के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Friday को कहा कि पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात के बीच अब तक 14 भारतीय नाविकों (सीफेरर्स) की जान जा चुकी है, जबकि दो भारतीय अब भी लापता हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित खतरों के बारे में समय-समय पर सतर्क करना Government की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है.

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग की ओर से जारी एडवाइजरी पर जायसवाल ने कहा, “मैंने भी वह एडवाइजरी देखी है. जैसा कि आप जानते हैं, पश्चिम एशिया की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है, और इसी को ध्यान में रखते हुए यह सलाह जारी की गई है. इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है. आपने पूछा कि इस संघर्ष से कितने भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं. इस समय मेरे पास उनकी सटीक संख्या नहीं है, लेकिन अब तक 14 भारतीयों की जान जा चुकी है और दो भारतीय अभी भी लापता हैं.”

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (डीजीएमए) ने जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (आरपीएसएल) कंपनियों को निर्देश दिया है कि अगली सूचना तक भारतीय नाविकों को उन जहाजों पर तैनात न करें जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाले हैं. यह फैसला खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए लिया गया है.

समुद्री नियामक ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर कहा कि यह कदम भारतीय नाविकों की सुरक्षा, बचाव और भलाई को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि संघर्ष वाले इलाके में चल रहे व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं.

डीजीएमए के मुताबिक हाल में मोम्बासा बी, अल बह्या, जीएफएस गैलेक्सी, एमटी वेड्यान और अल रेकाय्यत जैसे व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद वहां काम करने वाले नाविकों और जहाजों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है.

यह सलाह ऐसे समय में आई है, जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिका की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है. साथ ही, इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होने वाले समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की चिंता है.

Tuesday को India ने एक बार फिर कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए. India का कहना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से व्यापार सुचारु रूप से चलता रहना दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.

रणधीर जायसवाल ने कहा कि India पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. साथ ही, India सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत व कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की अपील करता रहा है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे.

एवाई/एबीएम