भारी बर्फबारी की चपेट में आने से 12 ट्रेकरों-पोर्टरों की मौत

देहरादून (Dehradun) पहाड़ों पर हिमपात यानि बर्फबारी का सिलसिला जारी है. उत्तराखंड स्थित हिमालय क्षेत्र में भारी बर्फबारी की चपेट में आने से कुल 12 ट्रैकरों और पोर्टरों की जान जाने की खबर है. तीन अलग अलग घटनाओं में कुल 12 लोगों की मौत की अब तक पुष्टि हो चुकी है. बागेश्वर में पिंडारी ग्लेशियर से ट्रेकिंग करने वाले 34 सदस्यीय समूह के 4 लोग मारे गए, जो बर्फबारी की चपेट में आ गए थे. हालांकि इस टीम के बाकी सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं. इसके अलावा, उत्तरकाशी में हर्षिल और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)के बीच गायब हुए 11 ट्रेकरों में से 5 के शव बरामद किए गए. बताया जा रहा है कि दिल्ली और बंगाल के ट्रेकरों का 11 सदस्यीय समूह 17 अक्टूबर से लापता था. दूसरी तरफ, आईटीबीपी पेट्रोलिंग पार्टी के साथ 17 अक्टूबर को गए तीन लापता पोर्टरों के शव बरामद किए जा चुके हैं. कुल मिलाकर हिमालयी बर्फबारी में अब तक 12 मौतों की खबर है.

इससे पहले आईटीबीपी की एक पेट्रोलिंग टीम के साथ गए और लापता हो गए तीन पोर्टरों के शव बरामद किए गए थे. दरअसल अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे नीलापानी में आईटीबीपी की पोस्ट से एक टुकड़ी पेट्रोलिंग पर निकली थी. भीषण बर्फबारी में आईटीबीपी के जवान तो किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब हो गए, लेकिन तीन पोर्टर बर्फ में दबकर मारे गए. सर्च अभियान में तीनों के शव तीन दिन बाद बरामद कर लिए गए. ट्रेकरों की एक और टीम में वेस्ट बंगाल और दिल्ली के ट्रेकर थे. यह दल 13 अक्टूबर को हर्षिल से लमखगा पास होते हुए हिमाचल ट्रेक पर निकला था. 17 अक्टूबर को ट्रेकरों के इस दल का खराब मौसम और भारी बर्फबारी से सामना हुआ. इसके बाद से ही लापता और बर्फबारी की चपेट में आए ट्रेकरों को खोजा जा रहा था.

गौरतलब है कि उत्तराखंड में 17 से 20 अक्टूबर तक लगातार मौसम खराब रहा. भारी बारिश के चलते प्रदेश भर में अब तक 54 लोगों की मौत होने की खबरें आ चुकी हैं. सबसे अधिक तबाही प्रदेश के कुमाऊं रीजन में हुई. नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा में अब भी रेस्क्यू चल रहा है तो चार धाम यात्रा ​दोबारा शुरू हो गई है लेकिन बद्रीनाथ का रास्ता पूरी तरह खुलना बाकी है.

Check Also

इस हफ्ते 10 करोड़ हो जाएगी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की संख्या

नई दिल्ली (New Delhi) . सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों का आंकड़ा …