मुंबई में बारिश से 12 लोगों की मौत, वारिस पठान ने कहा- ट्रिपल इंजन सरकार की पोल खुल गई

Mumbai , 6 जुलाई . Maharashtra में हो रही भारी बारिश के बीच Mumbai में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. शहर में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 12 से अधिक लोगों की मौत के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने राज्य Government और बृहन्Mumbai महानगरपालिका (बीएमसी) पर जुबानी हमला किया. उन्होंने Mumbai में बारिश की वजह से बने हालात, मिसिंग लिंक परियोजना में हुए भूस्खलन, Madhya Pradesh वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने समेत कई मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी.

वारिस पठान ने कहा कि लगातार चार दिनों की बारिश ने Mumbai की तैयारियों की पोल खोल दी है. शहर के विभिन्न हिस्सों में पेड़ गिरने, जलभराव और दुर्घटनाओं की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है. बस पर पेड़ गिरने से एक 11 वर्षीय बच्चे की मौत हुई, वहीं खुले मैनहोल में गिरने से भी एक व्यक्ति की जान चली गई. मानखुर्द में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना में कई लोगों की जान चली गई, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल थे. बारिश शुरू होने से पहले ट्रिपल इंजन Government ने बड़े-बड़े दावे किए थे और शहर में तैयारियों का प्रदर्शन भी किया था, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है. सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था को समय पर दुरुस्त नहीं किया गया. पेड़ों का सुरक्षा ऑडिट भी नहीं कराया गया, जिसके कारण शहर में जगह-जगह पेड़ गिरने की घटनाएं हो रही हैं.

मिसिंग लिंक परियोजना में हुए भूस्खलन की घटना का जिक्र करते हुए वारिस पठान ने कहा कि इससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. Mumbai में हर वर्ष मानसून आता है और प्रशासन को पहले से इसकी तैयारी करनी चाहिए थी. यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानव निर्मित आपदा है, क्योंकि समय रहते आवश्यक कार्य नहीं किए गए. पठान ने कहा कि यदि Mumbai के विकास और बुनियादी ढांचे के लिए हजाए करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है तो जनता को यह जानने का अधिकार है कि वह धन कहां खर्च हुआ. केवल मुआवजा देने या निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा.

उन्होंने मांग की कि शहर के प्रशासनिक नेतृत्व की जवाबदेही तय की जाए. यदि लापरवाही हुई है तो संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. शहर भर से लोगों के फोन आ रहे हैं, जिनमें पेड़ गिरने, दीवार ढहने, घरों में पानी भरने और अन्य समस्याओं की शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने इन हालात के लिए Government और बीएमसी को जिम्मेदार ठहराया.

राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के संबंध में लिए गए निर्णय और कथित अनियमितताओं के आरोपों पर वारिस पठान ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई हो. यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है और इसलिए जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए. जिन लोगों के नाम मामले में सामने आए हैं, उनकी भूमिका की गहन जांच आवश्यक है. कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए और किसी भी मामले में दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए.

Madhya Pradesh वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के मुद्दे पर वारिस पठान ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी इस विषय पर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुकी है. वक्फ संपत्तियां धार्मिक दान के रूप में स्थापित की गई हैं और उनका संचालन वक्फ के मूल उद्देश्यों के अनुरूप होना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह इस संबंध में आए नए प्रावधानों का अध्ययन करेंगे और पूरी जानकारी लेने के बाद विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वक्फ बोर्ड में अन्य समुदाय के सदस्य शामिल किए जा सकते हैं तो क्या इसी प्रकार अन्य धार्मिक ट्रस्टों में भी समान व्यवस्था लागू की जाएगी.