तेलंगाना के कालेश्वरम में 12 दिवसीय धार्मिक उत्सव सरस्वती अंत्य पुष्करलु शुरू

हैदराबाद, 21 मई . तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के कालेश्वरम में Thursday को कांची मठ के पुजारी शंकर विजयेंद्र सरस्वती के पहले पवित्र स्नान के साथ धार्मिक उत्सव सरस्वती अंत्य पुष्करालु की शुरुआत हुई. अधिकारियों को उम्मीद है कि तेलंगाना में पहली बार आयोजित हो रहे 12 दिवसीय इस पवित्र आयोजन में लगभग 20 से 30 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे.

तेलंगाना के बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा, सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री दुडिल्ला श्रीधर बाबू और उनकी पत्नी सहित अन्य लोगों ने सुबह 5:43 बजे पहला पवित्र स्नान किया.

सरस्वती नदी एक रहस्यमयी भूमिगत धारा मानी जाती है, जो कालेश्वरम में गोदावरी और प्राणहिता नदियों से मिलती है. इस तरह कालेश्वरम में पवित्र त्रिवेणी संगम बनता है. India में ऐसी केवल दो ही जगहें हैं, जिनमें से एक उत्तर प्रदेश का प्रयागराज है, जहां यह संगम होता है.

माना जाता है कि त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने से पापों का नाश होता है और भक्त जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पा सकते हैं.

विधायक गंद्रा सत्यनारायण राव और मालरेड्डी रंगारेड्डी, बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त हनुमंत राव, जिला कलेक्टर राहुल शर्मा, धार्मिक सलाहकार गोविंदा हरि और अन्य लोगों ने भी इस पवित्र स्नान में भाग लिया.

तेलंगाना और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान कर रहे हैं.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी इंतजाम कर लिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो. सुरक्षा, साफ-सफाई, पीने का पानी, चिकित्सा सेवाएं, परिवहन और अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं.

जिला कलेक्टर राहुल शर्मा ने कहा कि सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु आराम और सुरक्षा के साथ पुष्कर स्नान कर सकें.

इससे पहले, Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने सरस्वती अंत्य पुष्करलु को पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि तेलंगाना Government ने 21 मई से 1 जून तक आयोजित होने वाले सरस्वती अंत्य पुष्करलु के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं.

Chief Minister ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि पुष्कर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियंत्रण इस तरह से किया जाए कि श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई बाधा न आए.

तेज गर्मी को देखते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी.

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