
New Delhi, 2 नवंबर . दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर Political बयानबाजी तेज हो गई है. रैली के कारण व्यापारियों को 11 हजार करोड़ रुपए के नुकसान के दावे और भीड़ दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार तस्वीरों के इस्तेमाल के आरोपों पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसद पी संतोष कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने व्यापारियों के संगठन की ओर से दिल्ली के उपGovernor को लिखे पत्र पर सवाल उठाए और भाजपा नेताओं के आरोपों को भी खारिज किया. सीपीआई सांसद ने कहा कि रामलीला मैदान में हुई रैली शानदार थी और उसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे.
ऑल इंडिया ट्रेडर्स कॉन्फेडरेशन की ओर से दिल्ली के उपGovernor को पत्र लिखकर प्रदर्शन स्थल को दिल्ली से बाहर स्थानांतरित करने की मांग किए जाने पर संतोष कुमार ने कहा कि इस मांग का कोई मतलब नहीं है. Supreme Court पहले ही इस मामले में आदेश दे चुका है. रामलीला मैदान सभी के लिए है, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. रामलीला मैदान में हुई शानदार रैली को देखने के बाद कुछ लोगों को गुस्सा आया होगा, इसलिए इस तरह का पत्र लिखा गया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली केवल व्यापारियों की जगह नहीं है, बल्कि पूरे देश की जनता की जगह है. ऐसे में कुछ लोग इतना बड़ा आदेश देने की मांग कैसे कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन नोटिफिकेशन और डी-नोटिफिकेशन के आधार पर नहीं चलते, बल्कि जनता की भागीदारी से चलते हैं. संतोष कुमार ने प्रदर्शन स्थल बदलने की मांग की निंदा की.
दिल्ली के व्यापारी संघ की ओर से इंडिया गठबंधन की रैली के कारण 11 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किए जाने पर सांसद ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि इस दावे को करने वाले लोगों को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय जाकर अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने इसके पीछे दो कारण बताए. पहला कारण मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा कार्यालय के बड़े पदाधिकारी इस मामले को सुलझाने के लिए काम करें तो समस्या का समाधान हो सकता है. उन्होंने भाजपा नेताओं पर सीईसी को अपने नियंत्रण में रखने का आरोप भी लगाया. वहीं, दूसरे कारण के रूप में उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को जाकर यह समझाना चाहिए कि रामलीला मैदान में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे थे और रैली बहुत शानदार रही.
Union Minister किरेन रिजिजू की ओर से कांग्रेस पर रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए एआई से तैयार फर्जी तस्वीर इस्तेमाल करने का आरोप लगाए जाने पर संतोष कुमार ने इसे रिजिजू का मजाक बताया. उन्होंने कहा कि Union Minister को देश में क्या हो रहा है, इसकी प्राथमिक जानकारी भी नहीं है. सांसद ने दावा किया कि रैली के दिन दिल्ली में लोगों का ऐसा हुजूम था, जैसे पूरी दिल्ली इंसानों के समुद्र में बदल गई हो. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ देखने के बाद भी इस तरह के आरोप लगाना समझ से परे है.
संतोष कुमार ने रिजिजू की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि Union Minister को सदन में होने वाली गतिविधियों और पेश किए जाने वाले विधेयकों की जानकारी तक नहीं थी. रिजिजू सर्वदलीय बैठक में भी बातें करते हैं, लेकिन उन्हें वास्तविक स्थिति की समझ नहीं होती.
BJP MP संबित पात्रा के उस बयान पर भी संतोष कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने रामलीला मैदान में कुर्सियां खाली होने और 40 प्रतिशत जगह खाली रहने का दावा किया था. पात्रा ने राहुल गांधी से सवाल किया था कि रैली में शामिल होने वाले 10 लाख लोग कहां थे. इस पर संतोष कुमार ने संबित पात्रा के लिए तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके बयानों का कोई खास मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि लोग सुबह नौ बजे से ही रैली में पहुंचने लगे थे. दोपहर बाद तीन-चार बजे कुछ लोग वापस गए होंगे, लेकिन मैदान के बाहर भी करीब दो किलोमीटर तक लोगों की भीड़ मौजूद थी.
सांसद ने कहा कि रामलीला मैदान के अंदर कुर्सियों को लेकर चाहे जो दावा किया जाए, रैली के बाहर उमड़ी भीड़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने इसे शानदार रैली बताते हुए कहा कि वहां इंसानों का समुद्र दिखाई दे रहा था और पूरी दुनिया का ध्यान दिल्ली की ओर था.
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