
Bengaluru, 28 अगस्त . कर्नाटक में सूखे की स्थिति की समीक्षा के बाद, 101 तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है. राज्य के उपChief Minister और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने Friday को कहा कि सूखे पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और जल्द ही केंद्र Government को सौंपी जाएगी.
उन्होंने Friday को अपने आवास के पास मीडिया से बात करते हुए कहा कि 15 दिनों के बाद स्थिति की फिर से समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद और तालुका भी सूखा-प्रभावित घोषित किए जा सकते हैं. इस बीच, हम केंद्र को एक ज्ञापन तैयार करके सौंपेंगे. इसके बाद केंद्रीय टीमें राज्य का दौरा करेंगी और स्थिति का आकलन करेंगी, जिसके बाद सूखा राहत राशि जारी की जाएगी.
परमेश्वर ने कहा, “अगर केंद्र Government कर्ज माफी की घोषणा करती है, तो इस मुद्दे को व्यापक रूप से हल किया जा सकता है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, Maharashtra, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भी सूखा पड़ा है. जिस तरह पूर्व Prime Minister स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने लगभग 72,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण माफ किया था, उसी तरह केंद्र का ऐसा ही फैसला देश के किसानों को लाभ पहुंचाएगा. मैं केंद्र Government से इस पर विचार करने का आग्रह करूंगा.”
उन्होंने योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “हमने कहा है कि नागेंद्र को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है. आदिवासी कल्याण मामले के सिलसिले में दायर चार्जशीट में उनका नाम शामिल नहीं है. हमने विपक्ष से कहा था कि वे सदन में अपने सवाल उठाएं और हम उनके पास मौजूद किसी भी जानकारी का जवाब देने के लिए तैयार हैं.”
उन्होंने नेपाल में फंसे कन्नड़ लोगों पर कहा, “मुझे मिली नवीनतम जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 12 कन्नड़ लोग प्रभावित हैं. ऐसी जानकारी है कि बाढ़ के कारण कर्नाटक के और भी लोग फंसे हो सकते हैं. विवरण इकट्ठा करने के लिए अधिकारियों को काठमांडू भेजा जाएगा और तत्काल कार्रवाई की जाएगी.”
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एएसएच/एबीएम
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