
Bhopal , 2 जुलाई . Madhya Pradesh विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि राज्य में एक लाख 15 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने social media पर लिखा है कि Madhya Pradesh में 2.89 लाख स्वीकृत पदों में से एक लाख 15,678 शिक्षक नहीं हैं. 1,895 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं है. पांच हजार स्कूल जर्जर भवनों में चल रहे हैं. 3,400 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं. 59 हजार स्कूलों में कंप्यूटर तक नहीं हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इन स्थितियों का नतीजा यह निकल रहा है कि पिछले 10 वर्षों में सरकारी स्कूलों से 22.03 लाख विद्यार्थी कम हो गए. यह सिर्फ़ शिक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि Madhya Pradesh के भविष्य के साथ किया गया सबसे बड़ा अन्याय है.
नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि स्कूली शिक्षा के आज हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि हाई कोर्ट को Government से जवाब मांगना पड़ रहा है. उन्होंने आगे कहा कि बच्चों का भविष्य विज्ञापनों से नहीं, शिक्षकों की भर्ती, बेहतर स्कूलों और जवाबदेह Government से बनता है. भाजपा ने तीनों से मुंह मोड़ लिया है.
दरअसल, उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की कमी सहित अन्य सुविधाओं को लेकर केंद्र और राज्य Government से जवाब मांगा है. मामला जनहित याचिका के जरिए हाई कोर्ट तक पहुंचा है.
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एसएनपी/डीकेपी
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