
कोच्चि, 30 अक्टूबर . साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Enforcement Directorate (ईडी) ने Friday को हैदराबाद में तीन जगहों पर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान एजेंसी ने डिजिटल सबूत जुटाए, 6.40 लाख रुपए नकद जब्त किए और 11 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया, जिनमें कुल 14 लाख रुपए जमा थे.
ईडी के कोच्चि जोनल कार्यालय ने 28 अक्टूबर 2026 को ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 के तहत हैदराबाद में तलाशी अभियान चलाया. एक अधिकारी ने अपने बयान में बताया कि यह तलाशी अल्लमराजू सत्यनारायण मूर्ति से जुड़ी जगहों पर की गई. यह कार्रवाई एर्नाकुलम में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी के मामले के सिलसिले में की गई है.
ईडी ने यह जांच एर्नाकुलम साइबर Police स्टेशन में दर्ज एक First Information Report के आधार पर शुरू की थी. ईडी के अनुसार, निमेश नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने टेलीग्राम ऐप के जरिए फोन कॉल और चैट मैसेज के जरिए उसे ज्यादा रिटर्न का लालच देकर निवेश करने के लिए उकसाया.
शिकायतकर्ता को बताया गया था कि वह वेबसाइट के जरिए ट्रेडिंग करके अच्छा मुनाफा कमा सकता है. इसके बाद, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को झांसा देकर कुल 24.76 करोड़ रुपए की रकम कई किश्तों में उन बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली, जो खुद आरोपियों के थे या उनके नियंत्रण में थे.
इसके बाद, आरोपियों ने न तो वादा किया गया मुनाफा दिया और न ही मूल रकम लौटाई. इस तरह उन्होंने धोखाधड़ी की और विश्वासघात किया, जिससे शिकायतकर्ता को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
जांच से पता चला कि 23 मई 2023 से 27 मई 2024 के बीच शिकायतकर्ता के साथ 26.02 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई. ईडी ने बताया कि पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने इसे अपने द्वारा चलाए जा रहे अलग-अलग ‘म्यूल अकाउंट्स’ में ट्रांसफर कर दिया.
पैसे के स्रोत का पता न चल सके, इसलिए जानबूझकर ‘लेयरिंग’ की गई. जांच में सामने आया कि अल्लमराजू सत्यनारायण मूर्ति ने अपने परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों के नाम पर कई कंपनियां बनाई थीं, जिनका इस्तेमाल फंड की लेयरिंग के लिए किया गया.
इन कंपनियों में बीटीआर इंडस्ट्रीज, वेलुगु ट्रेडिंग कंपनी, आश्रिता मेगा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
ईडी ने बताया कि हैदराबाद में ‘आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स’ और ‘आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से एक विला प्रोजेक्ट शुरू किया गया था. ईडी के अनुसार, आरोपी ने अपराध से हासिल हुई रकम से कई अचल संपत्तियां खरीदी हैं.
तलाशी के दौरान, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के रूप में अहम सबूत जब्त किए गए. ईडी ने बताया कि उसने लगभग 5 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों, प्लॉट और एक विला की भी पहचान की है.
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डीके/डीकेपी
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