
हैदराबाद, 7 अक्टूबर . तेलंगाना में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए फर्जी फॉर्म 7 के इस्तेमाल का मामला सामने आया है. हैदराबाद Police ने भाजपा के एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के खिलाफ केस दर्ज किया है.
आरोपी का नाम एस. बालाचंदर है, जो मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का बीएलए है. उस पर आरोप है कि उसने 30 प्री-प्रिंटेड फॉर्म 7 जमा कर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश की.
चिक्कड़पल्ली Police स्टेशन में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 217 और 318(2) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज हुआ है. यह कार्रवाई मुशीराबाद के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) टी. प्रवीण कुमार की शिकायत के बाद की गई.
शिकायत के मुताबिक, बालाचंदर 28 सितंबर को पोलिंग स्टेशन नंबर 210 पर 30 डिजिटल प्री-प्रिंटेड फॉर्म 7 लेकर पहुंचा था. इन फॉर्म में 30 वोटर्स के नाम हटाने की मांग की गई थी, जिनमें कांग्रेस के एक बीएलए और उसके परिवार के लोग भी शामिल थे. बालाचंदर ने खुद इन फॉर्म पर साइन किए थे और इन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को देने की कोशिश की. बीएलओ ने एक साथ इतने फॉर्म लेने से इनकार कर दिया और कोई रसीद नहीं दी, तो वह फॉर्म वहीं छोड़कर चला गया.
बाद में जांच में पता चला कि जिन 30 लोगों के नाम हटाने की मांग की गई थी, वे सभी अपने दर्ज पते पर ही रह रहे हैं. यानी फॉर्म में दी गई जानकारी गलत थी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सी. सुधर्सन रेड्डी ने 5 अक्टूबर को आदेश दिया था कि फॉर्म 6, 6ए, 7 और 8 में जानबूझकर झूठा बयान देने वालों पर कार्रवाई की जाए. सीईओ ने सभी डीईओ को मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 20 के तहत जांच करने के बाद कार्रवाई करने को कहा था. इस आदेश के बाद तेलंगाना में यह पहला केस दर्ज हुआ है.
इसी तरह के प्री-प्रिंटेड फॉर्म बहादुरपुरा और गोशामहल विधानसभा में भी सामने आए हैं. इनमें जिन लोगों के नाम हटाने की मांग थी, वे सभी मुस्लिम थे, जिससे समुदाय विशेष को टारगेट करने के आरोप लगे हैं.
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद सीईओ ने जीएचएमसी कमिश्नर, हैदराबाद के जिला चुनाव अधिकारी और सभी जिलों के कलेक्टरों को ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. पूरे तेलंगाना में अब तक 28,753 फॉर्म 7 आए हैं, जिनमें करीब 5,000 अकेले हैदराबाद से हैं. टीपीसीसी ने हैदराबाद Police कमिश्नर से भी First Information Report दर्ज करने की मांग की थी.
वहीं, एआईएमआईएम ने भी Tuesday को सीईओ से शिकायत की. पार्टी अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पत्र लिखकर बताया कि गोशामहल के पोलिंग स्टेशन नंबर 28 पर थुडुमु जनार्दन नामक व्यक्ति ने 122 फॉर्म 7 जमा किए हैं. इनमें जिन वोटर्स के नाम हटाने की मांग है, उनके नाम पहले से प्रिंटेड हैं जबकि फॉर्म भरने वाले ने अपना नाम और नंबर लिखा है. ओवैसी ने इसे मुस्लिम वोटर्स को हटाने की गहरी साजिश बताया.
एसआईआर प्रक्रिया में दावे-आपत्ति का चरण 7 अक्टूबर को खत्म हो रहा है और 5 नवंबर तक इनका निपटारा किया जाएगा. अंतिम वोटर लिस्ट 9 नवंबर 2026 को जारी होगी.
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पीएम
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