हूती का दावा,’यमन के मारिब में सऊदी के हथियारबंद टोही ड्रोन को मार गिराया’

सना, 17 सितंबर . हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उसने यमन के उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत में सऊदी अरब के एक हथियारबंद टोही ड्रोन को मार गिराया है.

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने Wednesday शाम (स्थानीय समय) हूती-संचालित अल-मसीराह टीवी पर एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि सेना ने “कुछ देर पहले सऊदी दुश्मन के एक हथियारबंद टोही ड्रोन को मार गिराया. यह ड्रोन मारिब प्रांत के ऊपर उड़ रहा था और इसे सही हथियार का इस्तेमाल करके गिराया गया.”

Wednesday को पहले हूती की ओर से दावा किया गया था कि सऊदी के एक एफ15 फाइटर जेट को मार गिराया गया है. हूती का ये भी कहना था कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से ज्यादा हमले किए हैं.

हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा, “यमन के मारिब प्रांत के ऊपर सऊदी अरब के एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराया गया.” उनके मुताबिक, ‘स्थानीय स्तर पर बनी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल’ से सऊदी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया.

हालांकि बाद में बाद में दो फाइटर जेट्स को इंटरसेप्ट करने की बात स्पष्ट की गई. सिंहुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, ये जेट्स दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत एयर बेस से उड़े थे और यमन के पश्चिमी ताइज में मोचा के ऊपर हवाई क्षेत्र में घुस गए थे.

सरी के मुताबिक उनको स्थानीय स्तर पर बनी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर इंटरसेप्ट किया गया जिसके बाद वो वहां से लौट गए.

हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट पर बड़े इलाके पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने 10 सितंबर को मोचा के रणनीतिक बंदरगाह शहर पर कब्जा किया और फिर 11 सितंबर को बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के बीचों-बीच स्थित मायून द्वीप को कब्जे में किया. यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला एक अहम समुद्री रास्ता है.

यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में शुरू हुआ जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया. इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी Government के समर्थन में दखल दिया.

केआर/