
हुबली, 27 सितंबर . कर्नाटक के हुबली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एनडब्ल्यूकेआरटीसी के रूरल यूनिट-1 डिपो में एक बस ड्राइवर ने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान 38 वर्षीय मंजूनाथ के रूप में हुई है. सबसे भावुक कर देने वाला पहलू यह रहा कि पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसी बस में उसके गृहनगर भेजा गया, जिस पर वे ड्यूटी करते थे.
जानकारी के अनुसार, मंजूनाथ गदग जिले के मुंडारगी तालुक के मुंडावाड़ा गांव के रहने वाले थे. वे पिछले कई सालों से हुबली डिपो में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे और फिलहाल ड्यूटी पर थे. Saturday को वे डिपो परिसर में ही मौजूद थे, तभी उन्होंने परिसर में लगे एक पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी. घटना की जानकारी मिलते ही डिपो में हड़कंप मच गया.
सहकर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना Police को दी. गोकुल थाने की Police मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की. शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवहन निगम और परिवार की सहमति से मंजूनाथ के पार्थिव शरीर को उसी बस में उसके पैतृक गांव मुंडावाड़ा के लिए रवाना किया गया, जिस बस में वे रोज सवारियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाते थे. इसी बस में उनकी अंतिम यात्रा निकली, जिसे देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं.
आत्महत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है. Police के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. वहीं, मंजूनाथ के परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं थी. उन्होंने घर में भी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था, इसलिए उनका यह कदम उठाना परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं है.
बताया जा रहा है कि मंजूनाथ की पत्नी और दो बच्चे हुबली में ही रहते हैं. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. Police ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच कर रही है. क्या यह पारिवारिक कारण था, काम का दबाव था या कोई अन्य वजह, इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा.
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एससीएच/पीएम
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