हुगली में ममता बनर्जी की सभा से पहले टीएमसी नेता गिरफ्तार, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप

कोलकाता, 26 सितंबर . पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की Saturday को हुगली जिले में होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले Police ने टीएमसी की एक नेता और हुगली जिला परिषद की पूर्व सदस्य तुंपा मेटे को गिरफ्तार कर लिया.

डानकुनी थाना Police ने तुंपा मेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया. जिला Police के एक अधिकारी ने बताया कि तुंपा मेटे तृणमूल कांग्रेस की पूर्व जिला परिषद सदस्य हैं और पश्चिम बंगाल के चर्चित स्कूल भर्ती घोटाले में कथित तौर पर अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची में भी उनका नाम शामिल था.

गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में तुंपा मेटे ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे Political प्रतिशोध करार दिया. उन्होंने कहा कि नेता की जनसभा से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी Political बदले की कार्रवाई है और उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं.

जानकारी के मुताबिक, तुंपा मेटे पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा कर स्कूल में नौकरी हासिल की थी. उनका नाम 2016 के एसएससी भर्ती पैनल में भी था, जिसे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते Supreme Court ने रद्द कर दिया था. वह वर्तमान में एक सरकारी स्कूल में गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं.

Police Saturday को उन्हें सेरामपुर की जिला अदालत में पेश करेगी, जहां सरकारी पक्ष उनकी Police हिरासत की मांग करेगा.

इस बीच, ममता बनर्जी Saturday शाम 4 बजे से 6 बजे तक सेरामपुर कोर्ट मैदान में जनसभा करेंगी. Police द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने सभा आयोजित करने की अनुमति दी थी. अदालत ने अधिकतम 1,000 लोगों की मौजूदगी के साथ सभा करने की इजाजत दी है.

टीएमसी के हुगली जिला संयोजक और पूर्व विधायक असित मजूमदार ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद सभा की तैयारियां जारी हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी हाई कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन करेगी और निर्धारित समय पर सभा शुरू होगी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि नेता को देखने के लिए आम लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं तो वह अलग बात होगी.

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डीएससी