
New Delhi, 31 अगस्त . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने Himachal Pradesh के नालागढ़ Police स्टेशन में हुए आईईडी विस्फोट मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है.
यह विस्फोट 1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे नालागढ़ Police स्टेशन परिसर में हुआ था. धमाका Police थाने के भीतर जांच अधिकारी (इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर) के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था.
शुरुआत में इस मामले को Himachal Pradesh के नालागढ़ Police स्टेशन में First Information Report दर्ज की गई गई थी. बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई. एनआईए ने 8 मई 2026 को इस मामले को दोबारा दर्ज किया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की.
जांच के दौरान एनआईए ने तीन अन्य आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला, निवासी मोहल्ला सिरहिंदिया, राहों, जिला एसबीएस नगर (पंजाब), करणप्रताप, निवासी मोहल्ला रोटा, राहों, जिला एसबीएस नगर (पंजाब) और दिलजोत सैनी, निवासी झांसी पार्क कॉलोनी, नवांशहर रोड, राहों, जिला एसबीएस नगर (पंजाब) के रूप में हुई है.
एनआईए ने बताया कि तीनों आरोपी पहले से ही पंजाब के होशियारपुर जिले के गढ़शंकर Police स्टेशन में दर्ज First Information Report संख्या 11/2026 के एक अन्य मामले में गिरफ्तार थे.
इससे पहले एनआईए इस मामले में महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को भी गिरफ्तार कर चुकी है. इन आरोपियों को पहले पंजाब Police ने मोहाली स्थित एसएसओसी में दर्ज First Information Report के संबंध में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद एनआईए ने उन्हें नालागढ़ विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया.
एनआईए के अनुसार, ताजा गिरफ्तारियां इस आतंकी हमले के पीछे मौजूद बड़ी साजिश को उजागर करने, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने तथा पूरे नेटवर्क और उसके संबंधों का पता लगाने की दिशा में चल रही जांच का हिस्सा हैं.
एजेंसी अब आरोपियों की सटीक भूमिका, उनके आपसी कनेक्शन, साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों और पूरे आपराधिक नेटवर्क की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है.
एनआईए का कहना है कि मामले की जांच जारी है और विस्फोट के पीछे के पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.
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एएमटी/डीकेपी
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