हिंदुत्व का टीका लगाकर सत्ता में आए लोगों ने अयोध्या में मर चुके कारसेवकों का खून बेचा: शिवसेना-यूबीटी

Mumbai , 23 सितंबर . अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में गबन को लेकर शिवसेना-यूबीटी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला है. उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कहा कि अयोध्या के राममंदिर में हुई लूटमार राष्ट्रीय अस्मिता पर लगा कलंक है. हिंदुत्व का टीका लगाकर जो सत्ता में आए, उन्होंने अयोध्या में मर चुके कारसेवकों का खून बेचा है.

शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र ‘सामना’ ने “भाजपा के गजनवियों ने राममंदिर 105 बार लूटा” शीर्षक के साथ संपादकीय लिखा है. इसमें कहा गया है, “राममंदिर चोरी पर चर्चा से इनकार करना ही सबसे बड़ा रामद्रोह है. भाजपा और उसके परिवार ने वह किया. 105 बार अयोध्या का राममंदिर लूटा गया. गजनी के महमूद ने भी इतनी बार हिंदुओं के मंदिर नहीं लूटे थे.”

पार्टी ने Chief Minister देवेंद्र फडणवीस पर भी तीखी टिप्पणी की. संपादकीय में लिखा है, “राममंदिर लूट का विषय विरोधियों ने उठाया. शिवसेना ने ‘रामरक्षा’ आंदोलन से भक्तों को जागरूक किया. तब विरोधक हिंदुत्व को बदनाम कर रहे हैं, ऐसा शंख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने फूंका. Chief Minister देवेंद्र फडणवीस तो उससे भी आगे जाकर बोले कि ‘विरोधक झूठ बोल रहे हैं. राममंदिर में चोरी हुई ही नहीं. जो नहीं राम का वो किस काम का?’ वगैरह बातें बनाकर चोरी पर इस मंडली ने पर्दा डालने की कोशिश की. मगर यह सारे राम दरबार के ढोंगी लोग उजागर हो गए हैं.”

एसआईटी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए शिवसेना-यूबीटी ने कहा कि ‘एसआईटी’ ने Monday को सर्वोच्च न्यायालय में विस्तृत जानकारी पेश की. उसमें राममंदिर में 105 बार दानचोरी हुई है, ऐसा स्पष्ट रूप से कहा गया है. ‘चोरी का आरोप यह हिंदुत्व विरोधियों का षड्यंत्र है’ ऐसा कहने वालों के मुंह पर तमाचा पड़ा है. 105 बार दानपेटी लूटी गई और ये लुटेरे भाजपा खेमे के हिंदुत्ववादी हैं. उन पर ही अयोध्या के राममंदिर की दानपेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, पर हिंदुत्व के चौकीदार ही चोर निकले हैं.

सामना के लेख में आगे लिखा है, “विरोधियों ने इस चोरी का भंडाफोड़ न किया होता और उस पर संसद को गूंजने न दिया होता तो यह चोरी की माला शुरू ही रहती. इतना ही नहीं, अब जो 105 बार चोरी हुई है वह एक लाख बार हुई होती. एक दिन राम के सातबारा से अयोध्या गायब करके भाजपा खेमे के किसी उद्योगपति को वह बेच दी जाती. अयोध्या के राममंदिर ट्रस्ट ने बड़े पैमाने पर जमीनों का भी घोटाला किया है और उसमें लाभार्थी ‘भाड़खाऊ’ ये भाजपा परिवार के ही हैं.”

डीसीएच/