हामिद अंसारी के बयान पर भड़के एनडीए नेता, बोले- प्रदर्शन के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं

Patna, 22 अक्टूबर . देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और कथित तौर पर रिजीम चेंज के इरादे से हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर पूर्व उपPresident हामिद अंसारी के बयान ने सियासी बहस छेड़ दी है. हामिद अंसारी ने कहा था कि अपना देश ऐसे ही चलता रहा है और प्रदर्शन करने वाले भी हमारे अपने ही लोग हैं. उनके इस बयान पर Political दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पूर्व उपPresident के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी का यह कहना कि चीजें इसी तरह चलती हैं, उनके पुराने विभाजनकारी और निराशावादी बयानों की ही अगली कड़ी है.

सरावगी ने कहा, “देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर दशकों तक सत्ता का सुख भोगने वाले व्यक्ति द्वारा India की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव पर तंज कसना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. आज का India किसी तुष्टिकरण की लचर व्यवस्था से नहीं चल रहा, बल्कि कानून के इकबाल, बाबा साहब अंबेडकर के संविधान और राष्ट्र प्रथम की भावना से चल रहा है. संवैधानिक पदों से सेवानिवृत्त होने के बाद देश की व्यवस्था को नीचा दिखाने का यह दौर अब बंद होना चाहिए.”

वहीं, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने हामिद अंसारी के बयान पर कहा, “उन्होंने ठीक ही कहा है, जो चल रहा है, उसे चलने दो. देश विकास कर रहा है, लोगों को रोजगार मिल रहा है और देश में निवेश हो रहा है. 2047 तक India विश्वगुरु बनने वाला है.”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने हामिद अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदर्शन के नाम पर अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

पासवान ने कहा, “पूर्व उपPresident ने कहा कि हमारे देश में चीजें इसी तरह चलती हैं और प्रदर्शन करने वाले हमारे अपने ही लोग हैं. ये हमारी जनता है, किसी और की नहीं. लेकिन कौन कह रहा है कि यह किसी और की जनता है? सवाल यह है कि जब आप बॉन्ड पर हस्ताक्षर करके उसकी मर्यादा का उल्लंघन करेंगे और कानून तोड़ेंगे, तो क्या कार्रवाई नहीं होगी?”

उन्होंने आगे कहा, “यह नहीं हो सकता कि हमारी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो. हर चीज का एक तरीका होता है. कानून और संविधान की अपनी मर्यादा और अपना दायरा है, और सभी को उसी के अंतर्गत काम करना होता है.”

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पीआईएम/एबीएम