हाफिज सईद के खिलाफ वारंट अच्छा कदम, पर पाकिस्तान सौंपेगा नहीं: पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह

जम्मू, 12 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपChief Minister डॉ. निर्मल सिंह ने Pakistan में मौजूद आतंकी नेटवर्क, हाफिज सईद के खिलाफ जारी नए गैर-जमानती वारंट, डोडा में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी के अवशेष और हथियार बरामद होने और कश्मीरी पंडितों को मिली धमकियों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि India अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रहा है, लेकिन Pakistan से सहयोग की उम्मीद कम है.

हाफिज सईद के खिलाफ नए गैर-जमानती वारंट पर डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि India ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी तरफ से कार्रवाई पूरी की है, लेकिन Pakistan आतंकवादी को India के हवाले करने में सहयोग नहीं करेगा. Pakistan ने हाफिज सईद को संरक्षण दे रखा है और वह उसके खिलाफ India की कार्रवाई में सहयोग करने की स्थिति में नहीं आएगा. Pakistan अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुका है और इसी कारण वह दबाव में है.

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. हाफिज सईद उस कार्रवाई में बच गया, लेकिन India की सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं. हाफिज सईद के खिलाफ वारंट जारी करना एक अच्छा कदम है, लेकिन इसका व्यावहारिक परिणाम तभी सामने आएगा जब Pakistan उसे India को सौंपे. मौजूदा परिस्थितियों में इसकी संभावना कम दिखाई देती है.

डोडा में Pakistan स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकवादी के अवशेष और नाइट-विजन से लैस एम4 राइफल बरामद किए जाने पर भी पूर्व उपChief Minister ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में कश्मीर के स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती में कमी आई है. इसी वजह से Pakistan को अपने प्रशिक्षित आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर भेजने की कोशिश करनी पड़ रही है. Pakistan की कोशिश यह संदेश देने की है कि आतंकी गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं, लेकिन सुरक्षा बल लगातार ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. जो भी आतंकी सिर उठाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं.

निर्मल सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं. जंगलों और दूरदराज के इलाकों में छिपे आतंकियों की तलाश कर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने ओवरग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने वाले तंत्र पर भी नजर रख रही हैं. इन कार्रवाइयों से पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नियंत्रण बनाए हुए हैं.

कश्मीरी पंडितों को दोबारा धमकी भरे पत्र मिलने के सवाल पर पूर्व उपChief Minister ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही हैं और इनके बाद सतर्कता बढ़ाई गई है. इस तरह की धमकियां आतंकियों की हताशा का संकेत हो सकती हैं. हालांकि, उन्होंने साथ ही कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया. Government और सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण आतंकियों के लिए बड़े स्तर पर गतिविधियों को अंजाम देना आसान नहीं होगा.

उन्होंने आगे कहा कि डोडा में हुई कार्रवाई और कश्मीर में पहले की गई कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की तलाश कर रही हैं और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई जारी है. कश्मीरी पंडितों को मिली विशिष्ट धमकियों से निपटने के लिए भी Government आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है.