‘हाई-टेक सिटी’ और ‘मेडी-सिटी’ को ‘नए जयपुर’ की पहचान बनना चाहिए: सीएम भजनलाल

jaipur, 6 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजन लाल शर्मा ने Friday को कहा कि jaipur के विकास की योजना वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए.

राज्य Government का लक्ष्य jaipur के बुनियादी ढांचे के विस्तार, आधुनिकीकरण और व्यवस्थित विकास के जरिए इसे शहरी विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में बदलना है.

Chief Minister Friday को jaipur विकास प्राधिकरण (जेडीए) के कामकाज की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. उन्होंने शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव के बीच यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और प्रभावी कार्य योजना की आवश्यकता पर जोर दिया.

उन्होंने अधिकारियों को यातायात के निर्बाध प्रवाह के लिए एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें जवाहरलाल नेहरू मार्ग के प्रमुख चौराहों को सिग्नल-मुक्त बनाना भी शामिल है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यातायात प्रबंधन के उपायों में पैदल चलने वालों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.

मुख्य सचिव वी श्रीनिवास और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और जरूरी कदम उठाने की पहचान करें.

प्रस्तावित ‘हाई-टेक सिटी’ परियोजना की समीक्षा करते हुए Chief Minister ने कहा कि दिल्ली के करीब होने के कारण, और पूरे India तथा दुनिया भर में Rajasthan ियों की बड़ी मौजूदगी को देखते हुए jaipur में विकास और निवेश के अपार अवसर हैं.

इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आधुनिक तकनीक, बेहतरीन बुनियादी ढांचे और विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस एक ‘हाई-टेक सिटी’ विकसित करने का सुझाव दिया.

‘मेडी-सिटी’ परियोजना की समीक्षा करते हुए, Chief Minister शर्मा ने आधुनिक चिकित्सा बुनियादी ढांचे और विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि ‘हाई-टेक सिटी’ और ‘मेडी-सिटी’ दोनों को ऐसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जो ‘नए jaipur’ की पहचान बनें.

बैठक के दौरान Chief Minister ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी विकास परियोजनाएं तय समय-सीमा के भीतर पूरी हों. उन्होंने निर्देश दिया कि हर प्रोजेक्ट के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और उसकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाए.

उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट को लागू करने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी, लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसी चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

बैठक में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, Chief Minister के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, शहरी विकास एवं आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, प्रमुख सचिव (वित्त) वैभव गालरिया, jaipur विकास प्राधिकरण के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए.

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