हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों और समाधान पर मंथन, गुजरात में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ आयोजित करेगा एमओआरटीएच

New Delhi, 4 अक्टूबर . सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) देशभर में राजमार्ग अवसंरचना के विकास और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए 5 और 6 अक्टूबर को Gujarat के नर्मदा जिले के एकता नगर में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन करेगा. इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य Governmentों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक हिस्सा लेंगे.

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे. इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहेंगे.

मंत्रालय के अनुसार, चिंतन शिविर का उद्देश्य राजमार्ग परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों की पहचान करना, विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और व्यावहारिक समाधान तलाशना है. यह मंच केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ जमीनी स्तर के अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का अवसर भी प्रदान करेगा.

इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के सड़क परिवहन और लोक निर्माण विभागों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा अन्य विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है. मंत्रालय का मानना है कि इससे सड़क अवसंरचना विकास से जुड़े मुद्दों पर साझा समझ विकसित होगी और परियोजनाओं की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी.

मंत्रालय ने कहा कि चिंतन शिविर में परियोजना क्रियान्वयन की बाधाओं की पहचान, नवाचारी और दोहराए जा सकने वाले समाधानों की खोज तथा नीति और संस्थागत सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. साथ ही हाईवे परियोजनाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी.

दो दिवसीय कार्यक्रम में पांच प्रमुख विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पीएम गतिशक्ति और एकीकृत अवसंरचना योजना, भूमि अधिग्रहण और भूमि राशि प्लेटफॉर्म, मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट और रेटिंग्स, हाईवे सुरक्षा, तथा गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना निगरानी शामिल हैं.

पीएम गतिशक्ति से जुड़े सत्र में विभिन्न अवसंरचना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय और एकीकृत योजना निर्माण पर चर्चा की जाएगी. वहीं भूमि अधिग्रहण से जुड़े सत्र में परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं और उन्हें दूर करने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा.

मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट और रेटिंग्स पर चर्चा के दौरान अनुबंध संबंधी मुद्दों और परियोजना क्रियान्वयन की चुनौतियों पर फोकस रहेगा. वहीं सुरक्षित हाईवे डिजाइन से जुड़े सत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को परियोजना योजना और निर्माण प्रक्रिया में और प्रभावी ढंग से शामिल करने पर विचार किया जाएगा.

इसके अलावा, गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना निगरानी पर केंद्रित सत्र में निर्माण गुणवत्ता सुधारने, परियोजनाओं की निगरानी को मजबूत करने और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी.

मंत्रालय का मानना है कि यह चिंतन शिविर देश में सड़क और राजमार्ग अवसंरचना विकास को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को नई मजबूती देगा. इससे भविष्य की परियोजनाओं के लिए बेहतर नीतिगत और क्रियान्वयन ढांचा तैयार करने में भी मदद मिलेगी.

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डीबीपी