
हांसी, 13 अक्टूबर . Haryana के हांसी में केंद्र Government की पीएम-कुसुम योजना का लाभ लेकर किसान अपनी तकदीर लिख रहे हैं. इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने में सब्सिडी का लाभ मिलता है, जिससे सिंचाई के लिए महंगे डीजल और बिजली पर निर्भरता कम हो रही है.
से बातचीत में हांसी के गांव ढाणा कलां में रहने वाले सेवानिवृत्त सैनिक संदीप फौजी ने बताया कि उन्होंने पीएम कुसुम योजना के तहत अपने खेत में सोलर पैनल लगवाया.
उन्होंने कहा कि पहले खेतों में इंजन का ट्यूबवेल हुआ करता था तो डीजल का खर्च बहुत ज्यादा आता था. इसकी वजह से सीमित खेती होती थी, लेकिन अभी पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर लगा है, इससे बहुत लाभ हो रहा है. न तो बिजली का इंतजार करना पड़ता है और न ही महंगा डीजल फूंकना पड़ता है. यहां पर सूर्य निकलते ही पंप का बटन दबाने के बाद खेत में पानी शुरू हो जाता है. इसी को देखते हुए मैंने अपनी खेती बढ़ाई, हरा-भरा बाग 4 एकड़ में फैलाया. यह सब इस सोलर की बदौलत है.
लाभार्थी ने बताया कि इस योजना से रोजगार में फायदा मिला है, क्योंकि पहले जो खेती थी वह सीमित थी. अभी पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने के बाद में बाग लगाया है, विभिन्न प्रकार की सब्जियां पैदा की जा रही हैं. मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि उन्होंने इतनी अच्छी योजना हम जैसे लोगों के लिए शुरू की. इससे सीधे किसानों को फायदा मिल रहा है.
उन्होंने बताया कि केंद्र Government हर मोर्चे पर अच्छा कार्य कर रही है. सेना के लिए जो उनकी नीतियां हैं, वो बहुत ही बढ़िया हैं, बहुत ही अच्छी हैं. Prime Minister के तौर पर भी उनका कार्यकाल बहुत ही बढ़िया रहा है. बहुत ही सराहनीय रहा है. मैं सभी किसानों से यही अपील करना चाहूंगा कि यह बहुत बढ़िया योजना है. अगली बार जब भी इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होती है तो जरूर आवेदन करें.
किसान अशोक यादव ने कहा कि मेरे लिए तो Government की यह योजना काफी लाभदायक साबित हुई है. मैं सभी किसान भाइयों से अपील करूंगा कि वे जरूर इस योजना का लाभ उठाएं. उन्होंने बताया कि अब न ही बिजली का इंतजार करना पड़ता है और न डीजल फूंकना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि इस योजना से काफी बचत हो रही है. पहले हम गेहूं की फसल करते थे और एक दो फसलें और भी करते थे लेकिन अब अधिक से अधिक फसलें पैदा कर रहे हैं, जिससे काफी लाभ हो रहा है. यह सब पीएम मोदी की लाभकारी योजना के कारण ही संभव हो पाया है.
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डीकेएम/
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