हल्द्वानी में भाजपा की विस्तारित राज्य कार्यसमिति बैठक, नितिन नवीन और धामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

हल्द्वानी, 9 सितंबर . उत्तराखंड के हल्द्वानी में Wednesday को भारतीय जनता पार्टी की विस्तारित राज्य कार्यसमिति की बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उनके साथ Chief Minister पुष्कर सिंह धामी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने Prime Minister Narendra Modi के उत्तराखंड से जुड़ाव और राज्य में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से लेकर चार धाम ऑल-वेदर रोड और Chief Minister द्वारा बताए गए कई अन्य सड़क प्रोजेक्ट्स तक, आज इन सभी पर सफलतापूर्वक काम हो रहा है. लेकिन ये वही पहाड़ी इलाके हैं, जहां जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो इस बात की कोई चिंता नहीं की जाती थी कि मुश्किल पहाड़ी इलाकों में रहने वाले हमारे लोग कैसे रहते हैं या उन्हें सुविधाएं कैसे दी जाएं.”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं आज यहां आता हूं और हमारे अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बनाए गए इन तीन राज्य छत्तीसगढ़, Jharkhand और उत्तराखंड की पवित्र भूमि के लिए विजन देखता हूं तो मुझे हमेशा यह बात याद आती है—’हमने इसे बनाया है और हम ही इसे संवारेंगे.’”

Prime Minister मोदी के देवभूमि से लगाव पर बोलते हुए नितिन नवीन ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi Gujarat के वडनगर से आते हैं, फिर भी जब उन्होंने ‘प्रधान सेवक’ के तौर पर अपनी भूमिका शुरू की तो उन्होंने वाराणसी को अपनी कर्मभूमि चुना. हालांकि, लंबे समय से उनके काम को देखने के बाद मुझे यकीन है कि उनका आध्यात्मिक घर, वह धरती जो सचमुच उनकी आत्मा से जुड़ी है, ‘देवभूमि’ उत्तराखंड है. यहीं से उन्हें देश के 140 करोड़ नागरिकों की सेवा करने की ताकत और ऊर्जा मिलती है.”

उन्होंने कहा कि यहां की हवा, मिट्टी और पहाड़ साफ तौर पर संदेश देते हैं कि इस जमीन को देवभूमि क्यों कहा जाता है.

वहीं, Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करते हुए कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि आज हमारे प्रेरणा-स्रोत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हमारे बीच मौजूद हैं. उत्तराखंड की इस पवित्र भूमि पर मैं आप सभी की ओर से उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूं. उनका पूरा जीवन संगठन के प्रति समर्पण, अनुशासन और अटूट निष्ठा का बेहतरीन उदाहरण रहा है.”

एससीएच/डीकेपी