
हल्द्वानी, 3 सितंबर . हल्द्वानी में दलितों के उत्पीड़न और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने Thursday को सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया. बुद्ध पार्क में चल रहे इस सत्याग्रह में राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पवार भी शामिल हुए. कांग्रेस कार्यकर्ता चरखा चलाकर गांधीवादी तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.
कार्यकर्ताओं ने भाजपा Government और Police प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा तुरंत वापस लेने की मांग की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं है. उन्होंने रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर भी कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई. कार्यकर्ताओं ने मांग की कि शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए. सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य Government के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया.
सत्याग्रह में शामिल राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जब हम किसी के प्रति सकारात्मक तरीके से सोचते हैं और दूसरा कोई गलत काम करता है, तो हम आज लोकतंत्र और संविधान के लिए सत्याग्रह पर बैठे हैं. हल्द्वानी के अंदर जो घटना हुई, उसे पूरे राष्ट्र ने देखा. खड़गे की रैली के बाद भाजपा और आरएसएस के लोग शुद्धिकरण करते हैं. सबसे दुखद वो है, जब सीएम धामी इसका समर्थन करते हैं. वे संविधान को हटाकर दोबारा मनुस्मृति को संविधान के तौर पर लाना चाहते हैं, जो सरासर गलत है.”
आंदोलनकारी नीरज तिवारी ने कहा, “खड़गे का कार्यक्रम भव्य और दिव्य था. उसकी बौखलाहट में भाजपा और तथाकथित लोगों द्वारा शुद्धिकरण का कार्यक्रम उस स्थान पर किया गया, जहां पर खड़गे आए थे. हम इस घटना का विरोध करते हैं. इस आवाज को राहुल गांधी और संविधान को मानने वाले जागरूक लोगों ने भी उठाया. इसके विपरीत राहुल गांधी पर First Information Report दर्ज करा दी गई, जो पूरी तरह से गलत है, जिसके खिलाफ हम गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं.”
संगठन की समन्वयक राधा आर्या ने कहा, “राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पवार हमारे बीच हैं. संगठन द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है और चरखा चलाकर संदेश दिया जा रहा है कि जिस तरीके से सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया था, हमें उसी पर आगे बढ़ना चाहिए. लेकिन, शासन-प्रशासन तैयार नहीं है.”
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एससीएच/एबीएम
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