
Mumbai , 12 अक्टूबर . शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि Supreme Court के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. राउत ने कहा कि अगर दरवाजे खुले हैं तो इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार क्यों किया.
एसआईआर और अन्य मुद्दों को लेकर Monday को इंडिया ब्लॉक के मार्च पर राउत ने कहा कि इंडी गठबंधन Supreme Court तक मार्च करेगा. हम पैदल मार्च करेंगे और गठबंधन की सभी सहयोगी पार्टियां और नेता इसमें शामिल होंगे. हमने India के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का अनुरोध किया था. मुझे बताया गया था कि आज शाम करीब 4 या 5 बजे बैठक तय की गई थी, लेकिन उसे अचानक रद्द कर दिया गया. India के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता या Political नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अधिकार नहीं है. इस बात ने देश के लोगों को हैरान कर दिया है. हमने यह भी देखा है कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में है, वहां जज पार्टी के Political कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और Chief Minister हाई कोर्ट और Supreme Court के जजों के स्वागत में डिनर आयोजित करते हैं.
उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र, संविधान खतरे में है, जनता सड़क पर उतर रही है और लगातार वोट चोरी, इलेक्शन चोरी का मुद्दा उठा रही है. जब हमारे सामने सुनवाई के सारे दरवाजे बंद हो गए तो हम सीजेआई के दरबार में आना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने तो अपना दरवाजा ही बंद कर लिया है. इतिहास हमेशा याद किया जाएगा जब देश संकट में था, तो Supreme Court ने जनता के लिए दरवाजा बंद कर लिया था. सीजेआई को हमारी बात सुननी चाहिए, हम तो 24 घंटे भी नहीं मांग रहे हैं, मुलाकात के लिए 24 मिनट ही दे दीजिए.
से बातचीत में राउत ने कहा कि हम लोगों ने सीजेआई से मिलने का समय मांगा था. देश में जिस प्रकार से संविधान खत्म किया जा रहा है, लोकतंत्र की हत्या हो रही है, और वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम हटाए जा रहे हैं, पूरा देश इस चीज से अवगत है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार Government के लिए काम कर रहे हैं. इसीलिए हम सीजेआई से मिलना चाहते हैं, लेकिन, वे मिलना नहीं चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि Mumbai के शिवाजी पार्क में भी आंदोलन शुरू हो रहा है, इसे रोक कर दिखाएं.
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डीकेएम/एएस
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