‘हम न तीन में हैं, न तेरह में…’, अनंत सिंह को लेकर Supreme Court के आदेश पर नीरज कुमार

Patna, 30 अक्टूबर . बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को सरेंडर करने के Supreme Court के आदेश पर बातचीत करते हुए जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, “दुलारचंद यादव की हत्या हुई. उनके परिजन ही संभवतः नीरज कुमार हैं और आरोप किस ढंग से लगाए गए. मेरे ऊपर आरोप लगा दिए गए. हम न तीन में हैं, न तेरह में हैं, हमको इन सब चीजों से क्या लेना-देना है.”

नीरज कुमार ने आगे कहा, “मेरे बच्चे पर टिप्पणी की गई. अब तो Supreme Court ने जो भी फैसला दिया है, उसका अवलोकन हमने नहीं किया है कि क्या है, लेकिन यह महत्वपूर्ण पक्ष है कि इस देश के अंदर ईमान जिंदा है. जो लोग न्यायपालिका पर भी सवाल करते हैं, लोकतंत्र खतरे की बात करते हैं, वैसे लोगों को करारा जवाब मिला है कि नहीं, न्यायपालिका के अंदर न्याय मिलता है.”

अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नीरज कुमार ने कहा, “न्यायपालिका का फैसला है और न्यायपालिका के फैसले पर टिप्पणी करना सही नहीं है. Government की ओर से कभी भी किसी को नहीं बचाया गया है, यह आरोप कोई भी नहीं लगा सकता है. अगर किसी के पास इसका साक्ष्य है तो दे. अनावश्यक बातें कहकर Government को बदनाम करने की साजिश की जाती है.”

से बातचीत करते हुए आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नीरज कुमार ने कहा, “आईआरसीटीसी के मामले में धन की लूट हुई थी, सरकारी धन की लूट हुई तो इतनी लंबी प्रक्रिया चल रही है, यही चिंता का विषय है. जो आरोप लगे हैं और जिस ढंग से धन संग्रह किया गया है तो माननीय न्यायालय ने अगर ये निर्देश दिया है तो हमारा अनुरोध यह भी है कि इस संबंध में जल्द से जल्द त्वरित अंतिम सुनवाई करके सक्षम कार्रवाई के जो प्रावधान हैं, उनके तहत कार्रवाई करनी चाहिए.”

इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली पर नीरज कुमार ने कहा, “दिल्ली देश की राजधानी है और देश की राजधानी में आर्थिक मामलों में एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अब 1 नवंबर की रैली से क्या Political खौफ पैदा हो गया है? अगर Political खौफ पैदा हो गया है तो यह अच्छी बात नहीं है. लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सबको अधिकार है, लेकिन कोई दहशत में आ जाए और व्यापारी दहशत में आ जाएं, तो गलत है.”

नीरज कुमार ने कहा, “एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं और कर्नाटक में भी कांग्रेस हार रही है. पीएम मोदी के परिवार पर हमला करना, क्या यह राजनीति की शुचिता है? राहुल गांधी को अपने पूर्वजों का इतिहास जानना चाहिए. वे प्रतिशोध की राजनीति पर भरोसा करते हैं.”

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एसडी/एबीएम