हम देश की दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ रहे, राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेसी नेताओं का पलटवार

New Delhi, 16 अक्टूबर . विपक्ष के नेताओं ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है कि विपक्ष का आंदोलन बांग्लादेश से प्रेरित है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने से बातचीत में कहा, “कांग्रेस ऐसा कभी नहीं कहेगी. अगर किसी ने ऐसे विचार व्यक्त किए हैं, तो वे उस व्यक्ति के निजी विचार हो सकते हैं. कांग्रेस संविधान के अनुसार, लोकतांत्रिक तरीकों से Government में बदलाव चाहती है. मैं यह कहना चाहता हूं कि बहुत से लोग गहरे असंतोष में हैं. जिसने भी वह बयान दिया है, वही उसका जवाब दे सकता है. जहां तक हमारी बात है, हम देश की दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं. यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. आजादी के बाद संविधान के जरिए हमें मताधिकार मिला था, जो आज चोरी से छीना जा रहा है. मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें और फिर से बैलेट पेपर से चुनाव हो.”

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “विपक्ष लाठियां खाने और छर्रों के हमलों का सामना करने के बावजूद शांति बनाए हुए है. वे सब कुछ सह रहे हैं और साथ ही शांति भी बनाए हुए हैं. भाजपा की Government तानाशाही पर उतर आई है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक लगा दी है.”

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी कहते हैं, “मैं उनसे (रक्षा मंत्री) कहना चाहता हूं कि 1975 की घटना के बाद से कई बार जनादेश मिल चुके हैं. कांग्रेस पार्टी ने संविधान के तहत लगाई गई इमरजेंसी पर अपना पक्ष रखा है और इस पर खेद भी जताया है. अब, 1975 या 2025 की बात न करें, आइए 2026 की बात करें.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, “क्या इसका मतलब यह है कि हम चुप रहें और वोटों की चोरी होने दें? रक्षा मंत्री से पूछिए कि दिल्ली को एक किले और छावनी में क्यों तब्दील कर दिया गया है. नीट के प्रश्न पत्रों को हेलीकॉप्टर से पहुंचाने की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की थी, फिर भी दिल्ली और Patna (बिहार) में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. तो, आपका काम भी तो फेल हो गया है. Government को सत्ता परिवर्तन के बारे में बयान देने के बजाय, इन चिंताओं के कारणों पर ध्यान देना चाहिए और अपने काम पर फोकस करना चाहिए.”

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, “India की आर्थिक स्थिति बांग्लादेश से भी खराब है, फिर भी आप 2047 तक India को ‘विश्व गुरु’ बनाने का सपना देख रहे हैं और दुनिया का नेतृत्व करने का विजन होने का दावा करते हैं. आप जिस व्यक्ति के बयान का जिक्र कर रहे हैं, हो सकता है कि वह उनकी अपनी निजी राय रही हो, लेकिन आप इसका पूरा दोष राहुल गांधी पर मढ़ रहे हैं. आर्थिक रूप से India बांग्लादेश से पीछे क्यों रह गया है? Government इस मोर्चे पर क्यों विफल रही है? इस बारे में आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है.”

कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “देश की रक्षा और वोट की रक्षा, संविधान की रक्षा करना, उसके लिए लड़ना अराजक है, तो हम अराजक हैं. हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और लोगों की वोट के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं. अगर इस लड़ाई को कोई अराजक कहता है, स्वीकार है. चोरी और जिस तरह से वोट डिलीट किया है, उसको क्या सही ठहराना चाहिए?”

राजनाथ के बयान पर किशोर नाथ शाहदेव ने कहा, “ये बातें भारतीय जनता पार्टी के लोग कह रहे हैं. भाजपा नेता बार-बार दावा कर रहे हैं कि हमारे पड़ोसी देशों में जिस तरह से Governmentें बदलीं, वही तरीका यहां भी अपनाया जा रहा है. हालांकि, मुझे भारतीय लोकतंत्र, India के संविधान, भारतीय न्याय प्रणाली, India के मतदाताओं और India की जनता पर पूरा भरोसा और विश्वास है.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान पर कि Government हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक गोपाल राय ने कहा, “Government बातचीत की बात तो करती है, लेकिन असल में दमन करती है. हम चाहते हैं कि Government जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की अनुमति दे. Government को बातचीत करनी चाहिए और चर्चा के जरिए कोई समाधान निकालना चाहिए. देश की जनता ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रही है, लेकिन पूरी Government उन्हें बचाने में लगी हुई है.”

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ओपी/एएस