
New Delhi, 31 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi की ओर से social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक सुभाषित शेयर किया गया. उन्होंने एक संस्कृत श्लोक, “यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः. अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः..” साझा किया है.
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि मनुष्य जिस विषय या वस्तु के बारे में बार-बार सोचता है, उसका मन धीरे-धीरे उसी ओर आकर्षित होने लगता है. इसलिए हमें हमेशा अच्छे, शुभ और कल्याणकारी विचारों का ही चिंतन करना चाहिए.
इससे पहले Prime Minister की ओर से 28 अगस्त को social media पर सुभाषित शेयर किया गया था. तब पीएम ने ‘एक्स’ पर “एष प्रभावो रक्षायाः कथितस्ते युधिष्ठिर. जयदः सुखदश्चैव पुत्रारोग्यधनप्रदः॥” संस्कृत श्लोक लिखा था, जिसका हिंदी अर्थ है कि रक्षा सूत्र के प्रभावों का वर्णन करते हुए कहा गया है कि यह जय, सुख, संतति, आरोग्य एवं ऐश्वर्य प्रदान करने वाला है.
27 अगस्त को पीएम ने संस्कृत श्लोक शेयर करते हुए लिखा था, “मनुष्य को अपनी परम्पराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए. उसे बुद्धि से निर्मित न्यायपूर्ण और प्रकाशमय मार्ग का अनुसरण करना चाहिए. श्रेष्ठ जनों के सदाचार को जीवन में अपनाकर निरन्तर विचारशील रहना चाहिए और दिव्य गुणों से सम्पन्न जनों का निर्माण करना चाहिए.”
Prime Minister की ओर से 26 अगस्त को social media पर लिखा गया था, “ज्ञानवृद्धाः प्रशंसन्ति शुश्रूषन्तः परस्परम्. विनिवृत्ताभिसन्धानाः सुखमेधन्ति सर्वशः॥” जिसका हिंदी अर्थ है कि ज्ञानी और सज्जन व्यक्ति परस्पर सम्मान, सेवा और सद्भाव का व्यवहार करते हैं. वे व्यक्तिगत लाभ से मुक्त होकर एक-दूसरे की सेवा तथा प्रशंसा करते हुए जीवन में सुखपूर्वक उन्नति प्राप्त करते हैं.”
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एसडी/एएस
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