हमला करना भाजपा का एजेंडा नहीं, कुछ नेताओं के प्रति जनता में गुस्सा: जितेंद्र तिवारी

कोलकाता, 23 सितंबर . पश्चिम बंगाल के मुकुंदपुर में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प, कई लोगों के अस्पताल में भर्ती होने और हुमायूं कबीर पर हमले को लेकर भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी पर हमला करना या उसके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना भाजपा का एजेंडा नहीं रहा है. बंगाल में भाजपा परिवर्तन के लिए लड़ रही है और चाहती है कि राज्य में कानून का राज कायम हो.

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि अतीत में कुछ लोगों ने ऐसे काम किए हैं, जिसके कारण आम जनता में उनके प्रति गुस्सा है और कई जगह उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. Government का प्रयास रहेगा कि असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के दायरे में कार्रवाई हो और सजा का प्रावधान लागू किया जाए.

हुमायूं कबीर पर हुए हमले पर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर शारीरिक हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है. हमारी पार्टी और Government इस तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ Political लोग सस्ती लोकप्रियता और लाइमलाइट में आने के लिए उकसाने वाली कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे जनता उत्तेजित हो रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रख सकती है, लेकिन आम जनता पर नियंत्रण रखना संभव नहीं है. यदि कोई व्यक्ति जनता को उकसाता है तो लोग उसके पद या पहचान के बजाय उसके मौजूदा व्यवहार को देखते हैं. इसलिए ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी पक्षों को संयम रखना चाहिए.

टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों को दिए गए समय और Supreme Court में चल रहे मामले पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि दिल्ली के मामले की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है. पश्चिम बंगाल विधानसभा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पिछली Government के दौरान भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए विधायकों के खिलाफ शुभेंदु अधिकारी ने कई बार शिकायत की थी. उस मामले में तीन, चार और यहां तक कि पांच साल तक विधानसभा अध्यक्ष की ओर से निर्णय नहीं लिया गया. जब पांच साल तक विधानसभा अध्यक्ष कोई फैसला नहीं कर पाए, तो दिल्ली में क्या होगा, इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते.

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि भाजपा ने लोगों को बोलने और Government की आलोचना करने का अधिकार देने का वादा किया था और यह अधिकार लोगों को मिला है. लोग Government के कामों की आलोचना भी कर रहे हैं और जहां Government से गलती हो रही है, वहां भी सवाल उठा रहे हैं. आलोचना करने वालों को भाजपा अपना दुश्मन नहीं मानती, बल्कि उनकी बात सुनकर खुद में सुधार करने का प्रयास करती है.

भाजपा के कार्यकर्ताओं के व्यवहार को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास पहले दिन से रहा है कि उसके कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तरह न बनें. बंगाल में भाजपा ने अभी तक शासन नहीं किया है, इसलिए राज्य में भाजपा Government के व्यवहार का कोई उदाहरण मौजूद नहीं है. ऐसे में कार्यकर्ता कभी तृणमूल कांग्रेस तो कभी सीपीआईएम की कार्यशैली की नकल करने की कोशिश कर सकते हैं. पार्टी इस मामले में लगातार सावधानी बरतती है. यदि कोई एक-दो कार्यकर्ता भी पार्टी की तय सोच से अलग व्यवहार करता है तो उसे तुरंत समझाया जाता है और बताया जाता है कि ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा.

जितेंद्र तिवारी ने ऐसे लोगों के लिए कहा कि वे अज्ञानता के कारण ऐसा कर रहे हैं और उन्हें यह समझने की जरूरत है कि सत्ता के हस्तांतरण का मतलब क्या होता है. उन्होंने कहा कि जब उन्हें समझाया जाता है कि क्या नहीं करना है, तो वे उस पर अमल करते हैं.