
हजारीबाग, 28 सितंबर . Jharkhand के हजारीबाग जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 36 वर्षीय महिला मालती देवी की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने Monday को शहर के झंडा चौक पर उग्र प्रदर्शन किया और मेन रोड को जाम कर दिया.
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. करीब घंटे भर बाद Police-प्रशासन के हस्तक्षेप पर जाम हटा लिया गया. मृतका मालती देवी के परिजनों का आरोप है कि Sunday को उल्टी और चक्कर की शिकायत के बाद उन्हें दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच सदर अस्पताल लाया गया था. डॉक्टर से जांच कराने के बाद उन्हें इंजेक्शन दिया गया.
परिवार के मुताबिक, इंजेक्शन दिए जाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और करीब 20 मिनट के भीतर उनकी मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल में उनकी समुचित निगरानी नहीं की गई. उन्होंने कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के बातचीत और हंसी-मजाक में व्यस्त रहने का भी आरोप लगाया है. मामले को लेकर परिजनों ने सदर थाने में लिखित शिकायत भी दी है.
उनका कहना है कि Monday तड़के करीब चार बजे आवेदन देकर घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. परिजनों ने अस्पताल में तैयार किए गए दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि मालती देवी की मौत दोपहर करीब एक बजे हुई, जबकि अस्पताल के रिकॉर्ड में मृत्यु का समय शाम करीब छह बजे दर्ज किया गया है. मालती देवी मूल रूप से बिहार की रहने वाली थीं और हजारीबाग में किराए के मकान में रहती थीं.
परिजनों के मुताबिक, उनके पति मजदूरी और कुली का काम करते हैं. महिला की मौत के बाद उनके पीछे चार बच्चे रह गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अस्पताल के उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जाए तथा महिला की मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जाए. उन्होंने जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग भी की.
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एसएनसी/एसके
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