स्विस राष्ट्रपति को पीएम मोदी ने दिए खास तोहफे, भारत की समृद्ध विरासत और ‘नई पहचान’ की मिली झलक

New Delhi, 5 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने स्विट्जरलैंड के President गाइ परमेलिन को India की समृद्ध विरासत और नई पहचान को दर्शाते हुए दो बेहद खास तोहफे भेंट किए. इन तोहफों में India में बनी अवॉर्ड विनिंग चीज़ और कश्मीर की सदियों पुरानी काष्ठ शिल्प कला की झलक देखने को मिली.

स्विट्जरलैंड दुनिया भर में अपनी कई तरह की चीज़ के लिए मशहूर है. ऐसे में पीएम मोदी ने स्विस President को India की खालिस चीज़ भेंट की. India के तीन अलग-अलग इलाकों की मिठास और खटास इनकी पहचान थीं: एक चीज़ कश्मीर के गुलमर्ग का, दूसरा Odisha के कोणार्क और तीसरा Maharashtra येऊर का था. ये तोहफा India की बढ़ती हुई चीज़ बनाने की परंपरा की एक झलक पेश करता है.

गुलमर्ग की फ्रेंच-स्टाइल ब्री चीज़ दिल के आकार की, सॉफ्ट और क्रीमी ब्री चीज़ है जो पाश्चुरीकृत गाय के दूध से बनाई जाती है. इसका बाहरी हिस्सा बर्फ जैसा सफेद होता है. मिट्टी और मशरूम जैसा स्वाद मुंह में घुल जाता है. इसे 2026 में ब्राजील में हुए ‘मुन्जियाल दो केजियो दो ब्राजील’ (वर्ल्ड चीज अवार्ड्स ब्राजील) में सुपर गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है.

कोणार्क की फ्रेंच टॉमी-स्टाइल चीज़ का भी अंदाज हटके है. यह एक देसी अंदाज की चीज़ है जिसका बाहरी छिलका प्राकृतिक है. यह खाने में मुलायम होती है. स्वाद नमकीन और चटपटा होता है, खासियत ये कि जैसे ही मुंह में घुलती है तो आखिर में हल्का नींबू जैसा स्वाद आता है. इसने 2023 में नॉर्वे में हुए वर्ल्ड चीज़ अवॉर्ड्स में गोल्ड और 2025 में स्विट्जरलैंड में सिल्वर मेडल जीता था.

येऊर की माउंटेन-स्टाइल चीज़ भी कमतर नहीं है, जिसकी प्रेरणा स्विस ग्रुयेरे चीज़ है. बड़ी मेहनत से तैयार होती है. इसे लगभग 8 से 9 महीने तक पकाया जाता है, जिससे इसमें नटी, मीठा और हर्बल फ्लेवर आता है. इसके बाहरी हिस्से पर गुलाब की पंखुड़ियों और सौंफ की सजावट इसे एक अलग भारतीय-अल्पाइन लुक देती है. यह फोंड्यू और ग्रिल्ड डिशेज के लिए बेहद शानदार मानी जाती है.

चीज़ के अलावा पीएम मोदी ने स्विस President को कश्मीरी अखरोट की लकड़ी से बना हाथ से नक्काशी किया हुआ वॉल पैनल भी भेंट किया.

यह वॉल पैनल कश्मीर की सदियों पुरानी लकड़ी पर नक्काशी की विरासत को दर्शाता है. इसे प्रीमियम हिमालयी अखरोट की लकड़ी से बनाया गया है और इस पर गहरी नक्काशी की गई है. इस पैनल पर पारंपरिक परिदृश्य, फूल-पत्तियां, इंसानी आकृतियां, घोड़े, बग्घियां और गांव के जीवन को दर्शाया गया है.

यह पैनल कश्मीरी कारीगरों के कौशल और शिल्प कौशल का जश्न मनाता है, जो स्वदेशी और मध्य एशियाई प्रभावों से आकार लेने वाली क्षेत्र की विशिष्ट कलात्मक परंपराओं को दर्शाता है.

इसके अलावा पीएम की ओर से President कैरोलिन पार्मेलिन को कच्छी शॉल और सादेली बॉक्स भेंट की गई. ये दोनों ही Gujarat की बुनाई और सजावटी कारीगरी की समृद्ध परंपराओं को दर्शाते हैं. सूरत का सादेली बॉक्स अलग-अलग तरह की सामग्रियों को बारीकी से जोड़कर और उनकी परतें बनाकर बनाए गए बारीक ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाना जाता है, जबकि कच्छी शॉल कच्छ का एक रंग-बिरंगा हाथ से बुना हुआ कपड़ा है, जो ज्यामितीय डिजाइनों के लिए पहचाना जाता है.

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केआर/