
Bengaluru, 13 अक्टूबर . कर्नाटक के पूर्व Chief Minister सिद्धारमैया ने social media पर प्रसारित हो रहे एक स्टिंग ऑपरेशन वीडियो से अपना नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि Political दुर्भावना के तहत उनकी छवि और चरित्र को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है. सिद्धारमैया ने इस वीडियो के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग करते हुए Bengaluru की सिविल एंड सेशंस कोर्ट में आवेदन दायर किया है.
सिद्धारमैया ने Tuesday को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न social media प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे स्टिंग ऑपरेशन वीडियो के साथ उनका नाम जोड़ा जा रहा है. उन्होंने इसे बदनाम करने का सुनियोजित प्रयास बताते हुए कहा कि इस वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसके जरिए उनके खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चला रहे हैं.
सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि जिस स्टिंग ऑपरेशन वीडियो में कहीं भी उनका नाम लिया गया है, उसे किसी भी समाचार पत्र, टेलीविजन चैनल या social media प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित अथवा प्रसारित नहीं किया जाए.
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने निर्दोष होने का पूरा विश्वास है. साथ ही, उन्हें भरोसा है कि राज्य की जनता उनके पांच दशक लंबे Political जीवन से परिचित है और उनकी छवि को समझती है. सिद्धारमैया ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में झूठ को सच के रूप में पेश करना आसान हो गया है. ऐसे में उन्होंने किसी डर के कारण नहीं, बल्कि एहतियाती कदम के तौर पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उन्हें विश्वास है कि अंततः सच्चाई की जीत होगी.
सिद्धारमैया ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए कहा कि अपने पूरे Political जीवन में उन्होंने कभी भी मीडिया की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा डालने का प्रयास नहीं किया. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें वीडियो के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने के लिए अदालत से गुहार लगानी पड़ी है. उन्होंने इस स्थिति पर दुख भी जताया.
पूर्व Chief Minister ने बताया कि उन्होंने इस स्टिंग ऑपरेशन वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शहर के Police आयुक्त के पास पहले ही शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने भरोसा जताया कि Police जांच से सच्चाई सामने आएगी. सिद्धारमैया ने मीडिया संस्थानों के साथ आम लोगों से भी अपील की कि जांच पूरी होने तक ऐसी खबरों को अनावश्यक रूप से प्रसारित करने से बचें और सच्चाई का साथ दें. उन्होंने दोहराया कि वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है और उनके खिलाफ कथित दुष्प्रचार Political मंशा से किया जा रहा है.
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डीएससी
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