स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से मिलेगा

श्रीनगर, 4 सितंबर . जम्मू-कश्मीर भर के इंटर्न डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल Friday को Chief Minister उमर अब्दुल्ला से मिलकर इंटर्नशिप स्टाइपेंड में संशोधन की अपनी लंबे समय से लंबित मांग पर चर्चा करेगा.

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) के नेता डॉ. तसदुक कर रहे हैं. इनके साथ संयुक्त सचिव डॉ. आकिब, डॉ. शाहनवाज़, डॉ. तनिष मनसोत्रा ​​और डॉ. फराज भी Chief Minister से मिलेंगे. इंटर्न अपने स्टाइपेंड में तुरंत संशोधन की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिल जाती और लिखित सरकारी आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा.

एआईएमएसए के राज्य प्रभारी डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने बताया कि उन्हें कल (Thursday ) रात सरकारी अधिकारियों का फोन आया था, जिसमें बातचीत के लिए इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया गया था. डॉ. खान ने कहा, “कल रात मुझे Government की ओर से फ़ोन आया था जिसमें बातचीत के लिए इंटर्न प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया गया था. हम इस पहल का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि Government स्टाइपेंड के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर ठोस फ़ैसला लेगी.”

उन्होंने कहा कि इंटर्न Government के सामने अपनी चिंताएं और मांगें मजबूती से रखेंगे और जल्द से जल्द ठोस समाधान की मांग करेंगे. डॉ. खान ने दोहराया कि मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और विरोध तभी वापस लिया जाएगा जब स्टाइपेंड बढ़ाने को औपचारिक मंज़ूरी मिल जाएगी और लिखित सरकारी आदेश जारी हो जाएगा. उम्मीद है कि प्रतिनिधिमंडल पूरे जम्मू-कश्मीर के इंटर्न डॉक्टरों की चिंताओं को मजबूती से रखेगा और Government से तुरंत कार्रवाई की मांग करेगा.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के मेडिकल इंटर्न ने Monday को मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी. इंटर्न अपने स्टाइपेंड को मौजूदा 12,300 से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने की मांग कर रहे हैं. उनका तर्क है कि महंगाई और काम के भारी बोझ के बावजूद यह राशि लगभग छह साल से नहीं बढ़ाई गई है. विरोध कर रहे इंटर्न का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड सबसे कम है. यह हड़ताल पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हो रही है, जिसमें एसकेआईएमएस बेमिना, जीएमसी जम्मू, जीएमसी अनंतनाग और जीएमसी बारामूला के इंटर्न भी शामिल हुए हैं.

ओपी/एएस