सौगत रॉय का केंद्र सरकार पर निशाना, बोले-“युवाओं में नाराजगी, चुनाव के जरिए ही होना चाहिए सत्ता परिवर्तन”

New Delhi, 20 अक्टूबर . अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के सांसद सौगत रॉय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा Government के खिलाफ लोगों में काफी नाराजगी है. उन्होंने विशेष रूप से युवा पीढ़ी यानी जेन जी के बीच असंतोष होने की बात कही. सौगत रॉय ने कहा कि सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से चुनावों के माध्यम से ही होना चाहिए.

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में Government बदलने का अधिकार जनता के पास है और इसके लिए चुनाव ही उचित माध्यम है. उन्होंने मौजूदा Government के प्रति युवाओं की नाराजगी का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से ही पूरी की जानी चाहिए.

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) सांसद ने पश्चिम बंगाल में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स को दो फीचर्स तक पहुंच नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने इसे अजीब स्थिति बताते हुए कहा कि इससे राज्य में मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और अधूरी रह सकती है.

रॉय ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. साथ ही, मतदाताओं को अपील करने की व्यवस्था तक पहुंच मिलनी चाहिए और पात्र मतदाताओं के नाम समय पर बहाल किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक या दस्तावेजी गलतियों के कारण किसी भी व्यक्ति को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी माना कि मतदाता सूची को नियमित रूप से अपडेट करना आवश्यक है. इसके तहत मृत, दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके, दोहरी प्रविष्टि वाले या अन्य कारणों से अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना सटीक मतदाता सूची बनाए रखने का हिस्सा है. रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 37.18 लाख मामले अभी भी लंबित हैं जबकि केवल 1.02 लाख अपीलों का निपटारा किया गया है. उन्होंने इस स्थिति पर चिंता जताई.

कोलकाता के चोरबागन पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर सौगत रॉय ने राज्य Government और कोलकाता Police की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने इस घटना को राज्य Government और Police की पूरी विफलता करार दिया. रॉय ने कहा कि Chief Minister खुद स्थिति पर नजर रख रहे थे लेकिन विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन और वहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में व्यस्त रहने के कारण प्रशासनिक पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.

उन्होंने इस घटना को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है.

–

पीएम