
Mumbai , 23 अक्टूबर . Bollywood Actor अक्षय खन्ना अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता के साथ-साथ बेहद निजी जीवन जीने के लिए भी जाने जाते हैं. वह न तो social media पर सक्रिय हैं और न ही अपनी फिल्मों के प्रमोशनल कार्यक्रमों में अक्सर नजर आते हैं.
जब अक्षय खन्ना ने बताया था कि वह अपनी मर्जी से अंतर्मुखी (इंट्रोवर्ट) नहीं हैं. अक्षय सार्वजनिक आयोजनों और मीडिया की चकाचौंध से भी दूरी बनाए रखते हैं. शूटिंग से फुर्सत मिलने पर वह अपना अधिकतर समय अलीबाग स्थित घर में बिताना पसंद करते हैं.
कई साल पहले लोकप्रिय चैट शो ‘रेंडेवू विद सिमी गरेवाल’ में पहुंचने पर Actress और होस्ट सिमी गरेवाल ने अक्षय खन्ना के व्यक्तित्व के इस रहस्यमयी पहलू को समझने की कोशिश की थी.
बातचीत के दौरान सिमी ने कहा था कि अक्षय अपने आसपास एक तरह की दीवार खड़ी कर लेते हैं, जिससे लोग उनसे दूर हो जाते हैं. इस पर अक्षय ने जवाब दिया, “मैं शायद अब उन दीवारों को थोड़ा पारदर्शी दिखाने लगा हूं, लेकिन वे अब भी मौजूद हैं.”
जब सिमी ने उनसे पूछा कि क्या वह बेहद संवेदनशील और भावुक व्यक्ति हैं तो अक्षय ने इसे स्वीकार करते हुए कहा, “जो लोग मेरे बेहद करीब होते हैं, उनके प्रति मैं बहुत संवेदनशील हूं. उनकी छोटी-सी बात भी मुझे गहराई से प्रभावित कर देती है.”
अक्षय ने यह भी माना कि वह किसी का दिल दुखाना नहीं चाहते, लेकिन कई बार अनजाने में ऐसा हो जाता है. उन्होंने कहा, “बाद में मुझे इसका पछतावा होता है और मैं सोचता हूं कि दोबारा ऐसा नहीं करूंगा, लेकिन कभी-कभी गलती हो ही जाती है. क्योंकि मैं खुद बहुत संवेदनशील हूं, इसलिए दूसरों की भावनाओं को लेकर भी काफी सतर्क रहता हूं.”
माफी मांगने को लेकर अपने विचार साझा करते हुए अक्षय ने कहा कि उन्हें कभी भी “सॉरी” बोलने में परेशानी महसूस नहीं हुई.
उन्होंने कहा, “माफी मांगना बहुत अच्छी बात है. यह बेहद आसान है और आपको राहत भी देती है.”
इसी बातचीत के दौरान अक्षय खन्ना ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह अपनी पसंद से इंट्रोवर्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों से मिलना-जुलना और उन्हें जानना अच्छा लगता है, लेकिन यह उनके लिए स्वाभाविक रूप से आसान नहीं है.
अक्षय ने कहा, “मुझे लोगों से मिलना और उन्हें समझना अच्छा लगता है, बस मेरे पास यह करने की वो क्षमता या कौशल नहीं है. किसी काम को नहीं करना चाहने और उसे न कर पाने में बहुत बड़ा अंतर होता है.”
उनके इस बयान ने यह दिखाया कि लोगों से दूरी बनाकर रखने की उनकी छवि के पीछे कोई अहंकार नहीं, बल्कि उनका स्वभाव और व्यक्तित्व है.
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एएमटी/डीकेपी
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