
New Delhi, 21 अक्टूबर . रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग में विशेष अभियान 6.0 के तहत सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया है. इसके जरिए कार्यालयों को स्वच्छ रखने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
अभियान के शुरुआती दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा की गई है. इसके साथ ही देशभर में 3,553 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और 158 नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाया गया. यही नहीं इस दौरान अनुपयोगी कबाड़ के निपटान से अब तक 50.60 लाख रुपए का राजस्व भी प्राप्त हुआ है.
सैन्य कार्य विभाग, रक्षा मंत्रालय का यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से शुरू हुआ था और 31 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता बढ़ाना व उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग करना है. इसके साथ ही लंबे समय से रखे अनुपयोगी सामान व पुराने अभिलेखों का निपटान करना है. इसके अलावा, कार्यालयों में उपलब्ध स्थानों को सुंदर बनाने और कामकाज की व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया जा रहा है.
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फाइलों की समीक्षा की जा रही है, ताकि सरकारी रिकॉर्ड को व्यवस्थित किया जा सके और लंबित मामलों को कम करने में मदद मिले. पहले दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा इस दिशा में की गई प्रगति को दर्शाती है. वहीं, 158 नियमों की समीक्षा और सरलीकरण से सरकारी कामकाज को अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया गया है. स्वच्छता अभियान के तहत 3,553 स्थानों पर सफाई की गई. इसके साथ ही अनुपयोगी सामान और कबाड़ को हटाकर उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करने पर ध्यान दिया गया. कबाड़ के निपटान से प्राप्त 50.60 लाख रुपए का राजस्व भी अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है.
इस अभियान में केवल स्वच्छता और फाइलों की समीक्षा ही प्राथमिकता नहीं है, बल्कि जन शिकायतों के लंबित मामलों को कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सांसदों, Prime Minister कार्यालय और राज्य Governmentों से प्राप्त संदर्भों के निपटारे को भी अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है. अभियान की प्रगति पर प्रतिदिन नजर रखी जा रही है, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके. इसमें देशभर के रक्षा बलों और रक्षा प्रतिष्ठानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है.
विशेष अभियान 6.0 के माध्यम से सैन्य कार्य विभाग का लक्ष्य कार्यालयों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है. इसके साथ ही साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करना, लंबित मामलों को कम करना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है.
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जीसीबी/डीकेपी
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