
New Delhi, 24 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर से वाराणसी जाने वाले दल के साथ Thursday को संवाद किया. इस दौरान उन्होंने सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए युवाओं से आचरण से सेवा का संदेश देने की अपील की.
पीएम मोदी ने कहा, “हमारा काम खुद बोले. हमें सेवा का संदेश सेवा करके देना है, सेवा पर उपदेश देकर नहीं. हमारे आचरण से दिखना चाहिए कि चाहे कितनी भी बड़ी सत्ता या अधिकार मिल जाए, हमारा रास्ता हमेशा सेवा का ही रहेगा. हम ‘सेवा परमो धर्म:’ के भाव को लेकर ही आगे बढ़ेंगे.”
उन्होंने यात्रा के पुण्य को लेकर एक परंपरा का जिक्र भी किया. पीएम मोदी ने कहा, “हमारे यहां कहा जाता है कि जब कोई यात्रा करके वापस आता है और आप उनको प्रणाम करते हैं, तो यात्रा का जो पुण्य है, उसका आधा पुण्य उस व्यक्ति को मिलता है जो यात्रियों को प्रणाम करता है. तो आज मैं भी सभी सेवा यात्रियों को प्रणाम करके आपका आधा पुण्य चुरा रहा हूं.”
पीएम मोदी ने पर्यावरण को लेकर भी एक आसान तकनीक साझा की. उन्होंने कहा, “मेरी एक सिंपल तकनीक है. जब पौधा लगाते हैं तो उसके बगल में पानी से भरा एक मिट्टी का घड़ा रखें, जिसका मुंह ऊपर की तरफ हो. महीने में एक बार घड़े को पानी से भर दें ताकि पेड़ अच्छे से बढ़ सके. इससे पानी की बचत भी होगी और ज्यादा पेड़ उगाने में भी मदद मिलेगी.”
सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े युवाओं का अभिनंदन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े हुए आप सभी युवा साथियों का मैं बहुत अभिनंदन करता हूं. वडनगर और वाराणसी दोनों ही पुरातन ऐतिहासिक शहर हैं. ये दोनों हजारों साल से जीवंत हैं. मेरे लिए तो एक मेरी जन्मभूमि है और दूसरी मेरी कर्मभूमि है.”
पीएम मोदी ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ जी का आशीर्वाद है और वडनगर, हाटकेश्वर महादेव के आशीष की भूमि है. आप सभी इन दोनों शहरों के बीच सेवा का इतना बड़ा अभियान चला रहे हैं. अभी मुझे कुछ साथियों से बात करने का मौका भी मिला. जो वडनगर से निकले हैं और वाराणसी की तरफ बढ़ रहे हैं, आपका अनुभव सुनकर ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं भी आपके साथ-साथ चल रहा हूं.
Prime Minister ने कहा कि जब सेवा भाव से काम होता है तो उसका असर दिखता है. उन्होंने कहा, “जब हम सेवाभाव से काम कर रहे हैं. जब सेवा का भाव होता है, तब करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज मिलता है. जब सेवा का भाव होता है, तो आयुष्मान योजना जन्म लेती है. और इन दोनों शहरों से निकलते हुए आप लोगों ने रास्ते भर में देखा होगा कि सेवा के कामों को हमने कैसे आगे बढ़ाया है.”
उन्होंने अपने संगठन के दिनों को याद करते हुए कहा, “जब मैं संगठन के स्तर पर काम कर रहा था, तो मुझे यात्राओं पर जाने का अनुभव था. जब मैंने खुद यात्रा की, तो मुझे एहसास हुआ कि कितनी चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. फिर भी, आप सभी ने इस काम को बड़े समर्पण के साथ आगे बढ़ाया है.”
Prime Minister ने कहा, “चाहे पीएम-किसान हो या पीएम सूर्य घर योजना, ऐसी अनगिनत योजनाओं को उनकी ‘लास्ट-माइल डिलीवरी’ (अंतिम छोर तक सेवा पहुंचाने) के लिए जाना जाता है. सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है.”
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित India की निर्माता भी है और यही पीढ़ी एक बड़ी लाभार्थी भी होगी. इस दायित्व को निभाने के लिए India को जमीन पर जानना, समझना, देश की हर बारीकियों को अनुभव करना, अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों से मिलना, उनके सपनों से परिचित होना, उनकी आकांक्षाओं को समझना, उनकी बातों को जानना. ये सारी बातें बहुत जरूरी हैं और इसमें सेवा संकल्प यात्रा निश्चित रूप से आपके जीवन में अहम भूमिका निभाने वाली है.
उन्होंने कहा, “राजनीति अपनी जगह है, चुनाव अपनी जगह पर है, शासन व्यवस्थाएं अपनी जगह पर हैं. हम तो राष्ट्र निर्माण के लिए निकले हुए लोग हैं, हम विकसित India के संकल्प को लेकर निकले हुए लोग हैं. 2047 तक विकसित India के निर्माण में हमें युवाशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका को एकदम से मजबूती के साथ आगे बढ़ाना है.”
बता दें कि सेवा संकल्प यात्रा Prime Minister Narendra Modi के सार्वजनिक जीवन काल के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर 2026 से शुरू किया गया एक व्यापक जनसेवा और सुशासन अभियान है.
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पीएम
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