
इम्फाल, 7 सितंबर . सेना ने Monday को मणिपुर में लगभग 10 किलोग्राम वजन वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से जुड़े एक और खतरे को टाल दिया.
भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर, स्पीयर कोर की एक टुकड़ी ने मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के दक्षिण थंजिंग जंगल इलाके में लगभग 10 किलोग्राम वजन का आईईडी पाया और उसे निष्क्रिय कर दिया.
पोस्ट में कहा गया कि समय पर की गई कार्रवाई से स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों पर संभावित खतरा टल गया, इलाके में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई और मणिपुर में लोगों की जान बचाने और शांति व सुरक्षा बनाए रखने के प्रति भारतीय सेना की अटूट प्रतिबद्धता फिर से साबित हुई.
यह घटना मणिपुर में तीन शक्तिशाली आईईडी मिलने के 24 घंटे के भीतर हुआ है.
Sunday को खुफिया जानकारी के आधार पर, स्पीयर कोर की टुकड़ियों ने मणिपुर Police के साथ मिलकर असम की दक्षिणी सीमा पर जिरीबाम में लीशाबिथोल और अहमदबाद के बीच जंगल वाले इलाके से लगभग 20 किलोग्राम वजन के तीन आईईडी बरामद किए.
विस्फोटक उपकरणों को नियंत्रित तरीके से नष्ट करके मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे जान-माल को होने वाले बड़े खतरे को सफलतापूर्वक टाल दिया गया.
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह संयुक्त अभियान क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए समर्पित सुरक्षा बलों की अटूट सतर्कता, अभियान के लिए तत्परता और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल को दिखाता है.
इस बीच, एक Police अधिकारी ने बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, मणिपुर Police, केंद्रीय रिजर्व Police बल और मणिपुर के एनजीओ की संयुक्त टीम ने काकचिंग जिले के खेरगाओ-नहारुप इलाकों में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक अभियान चलाया और दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया.
ड्रग तस्करों की पहचान चंदेल जिले के रहने वाले 48 वर्षीय मोहम्मद रियाज खान और 26 वर्षीय दंडशावा मोलोडी के रूप में हुई है.
अधिकारी ने बताया कि उनके पास से हेरोइन से भरे साबुन के दस डिब्बे, एक होंडा एक्टिवा और एक फोर्ड फिगो गाड़ी बरामद और जब्त की गई.
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डीकेएम/पीएम
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