सूखा प्रभावित किसानों को 25 हजार रुपये मुआवजा दे कर्नाटक सरकारः चलवाडी नारायणस्वामी

Bengaluru, 25 सितंबर . विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने प्रतिक्रिया दी. इसके साथ ही कहा कि कर्नाटक Government सूखे से प्रभावित किसानों को 2,500 रुपये की सब्सिडी दे.

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की विपक्ष की नई मांग पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायण स्वामी ने से कहा, “चुनाव में हार-जीत तो होती रहती है. जो जीतता है वह हमेशा नहीं जीत सकता, और जो हारता है वह ऐसे मुद्दे उठाता है. वर्ना, वे ईवीएम को दोष देते हैं और ईवीएम से ज़्यादा वे चुनाव आयोग को दोष देते हैं. यह सब बस पागलपन भरी बातें हैं. कांग्रेस हर जगह हार रही है, क्योंकि जनता को पार्टी पर भरोसा नहीं है.”

चलवाडी नारायणस्वामी ने कहा, “हम किसानों के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. Chief Minister और उपChief Minister ने मदद मांगी है और हम Prime Minister और केंद्र Government के साथ इस मामले पर चर्चा करने के लिए जहां भी जरूरत होगी, वहां जाने को तैयार हैं. Government ने दावा किया है कि प्रत्येक विधानसभा के लिए 1 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि विधायक बोल रहे हैं कि उन्हें पैसे नहीं मिले. Government को 25 हजार रुपये सूखा प्रभावित किसानों को देना चाहिए. पहली किश्त में कम से मे 10 हजार रुपये दे.”

चलवाड़ी नारायणस्वामी ने एक्स पोस्ट में कहा, “क्या कांग्रेस Government के खराब कामकाज के लिए इससे बड़े किसी सबूत की जरूरत है? आर्थिक दिवालियापन अब खुद विधानसभा में साफ-साफ दिख रहा है! कांग्रेस Government के “अवैज्ञानिक कामकाज” और “खाली खजाने” की असलियत अब खुद मंत्रियों के बयानों से सामने आ गई है. ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को 8,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है और कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं हैं, इस बात को खुद मंत्री बायरथी सुरेश ने विधानसभा में खुलेआम माना है. कांग्रेस Government मुफ्त सुविधाओं का नाटक करती है, योजनाओं के नाम पर खजाना खाली करती है और ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर चोट करती है, उसे राज्य की जनता माकूल सबक सिखाएगी!”

नारायण स्वामी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “जनता-विरोधी कांग्रेस Government का कामकाज इतना गिर चुका है कि आम लोगों को सड़कों पर उतरकर मरम्मत की गुहार लगानी पड़ रही है. बेपरवाह Government को ‘सम्मानजनक’ रिश्वत की बातों के अलावा कुछ और न तो सुनाई देता है और न ही दिखाई देता है.”

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ओपी/एएस