
New Delhi, 17 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi के जन्मदिन पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुभकामनाएं दी हैं. शाह ने पीएम मोदी को अथक परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि कर्म को साधना और राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय बनाकर चलने वाले मोदी जी का जीवन तप, त्याग और अटूट संकल्प की गाथा है. सेवा और समर्पण से भरी उनकी यात्रा करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा है.
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को धरातल पर उतरते देखा. धारा 370 का अंत, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर, इन निर्णयों ने दुनिया को बता दिया कि अब India केवल निंदा नहीं करता, निर्णायक जवाब देता है. नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, पूर्वोत्तर में दशकों पुराने विवाद शांति समझौतों से सुलझे हैं और सीमाएं सुरक्षित हैं. सुरक्षित India ही समृद्ध India की पहली शर्त है, मोदी जी ने इसे सिद्ध कर दिखाया है.
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास की बात तक नहीं होती थी, मोदी जी के नेतृत्व में वहां आज विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा है. कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज, पूर्वोत्तर में सड़कों और पुलों का जाल, वंदे India ट्रेनें और सेमीकंडक्टर यूनिट, ये नए India के प्रतीक हैं.
शाह ने कहा कि जिस India को कभी ‘फ्रैजाइल फाइव’ कहा गया, वह आज मोदी जी के नेतृत्व में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है और हमारा पासपोर्ट सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है. 36 देशों की ओर से मोदी जी को दिया गया सर्वोच्च सम्मान वस्तुतः सभी भारतीयों का सम्मान है.
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनके शासन के केंद्र में हमेशा समाज का अंतिम व्यक्ति रहा है. जब कोई मां अपने पक्के घर की चौखट पर खड़े होकर आशीर्वाद देती है, या कोई बहन बताती है कि आयुष्मान कार्ड ने उसके परिवार को बचा लिया, तब इन योजनाओं का असली अर्थ समझ आता है. तीन तलाक से मुक्ति और नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने महिलाओं को नया आत्मविश्वास दिया, वहीं स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और नई शिक्षा नीति से युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खुले. करोड़ों लोगों के जीवन में आया यह बदलाव ही मोदी जी की सबसे बड़ी पूंजी है.
अमित शाह ने कहा कि एक सामान्य स्वयंसेवक से Chief Minister और फिर देश के Prime Minister तक मोदी जी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि जब जीवन का लक्ष्य राष्ट्रसेवा हो, तो कठिन से कठिन संकल्प भी सिद्ध किए जा सकते हैं. उन्होंने सत्ता को साध्य नहीं, बल्कि गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण का साधन मान कर कार्य किया. मेरे जैसे कार्यकर्ता सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें उनकी हर भूमिका में उनके साथ काम करने का अवसर मिला.
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डीसीएच/
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