सुजीत मंडल हत्याकांड : मुर्शिदाबाद में क्राइम सीन दोहराने ले गई थी सीआईडी, एनकाउंटर में आरोपी ढेर

कोलकाता, 27 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज में सुजीत मंडल हत्याकांड के मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया. दरअसल, Tuesday दोपहर को जब सीआईडी डाकबंगला इलाके में घटनास्थल का पुनर्निर्माण कर रही थी, तब आरोपी समौन शेख को गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

सूत्रों के अनुसार, क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद सीआईडी अधिकारियों ने गोली चला दी. घायल को तुरंत अनूपनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

बता दें कि सुजीत मंडल अगस्त के आखिर में लापता हो गए थे और सितंबर में फरक्का फीडर नहर से उनके शरीर के कुछ हिस्से बरामद हुए थे, जिसके बाद सीआईडी मामले की जांच में जुटी है.

एनकाउंटर की इसी प्रकार की एक दूसरी घटना Tuesday को पश्चिम बंगाल से ही सामने आई, जहां नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में एक नाबालिग के दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रह्लाद दास का एनकाउंटर किए जाने पर Police की कार्रवाई का पीड़िता के परिजनों ने स्वागत किया.

मृत पीड़िता के पिता ने Tuesday को कहा, “हमें अपनी बेटी वापस नहीं मिलेगी, लेकिन Police ने सही काम किया है. हमें अब तक जो पता चला है, वह यह है कि आरोपी ने एक Policeवाले की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की और Police पर फायरिंग भी की. Police ने सही किया और जवाबी फायरिंग में आरोपी मारा गया. वह ऐसे ही अंत का हकदार था.”

पीड़ित परिवार की एक पड़ोसी महिला ने कहा कि ऐसे मामलों में Police एनकाउंटर होना काफी आम बात है. उन्होंने कहा, “आरोपी ने 17 वर्षीय नाबालिग के साथ जो किया, वह दया से भी परे जुर्म था. जुर्म करने के बाद भी उसने एक Policeवाले की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की और Police पर फायरिंग भी की. इसलिए, आरोपी के साथ जो कुछ भी हुआ, वह बिल्कुल सही था.”

एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि Police कस्टडी में आरोपी की हरकतों से यह साबित होता है कि उसे नाबालिग लड़की के साथ किए गए जघन्य जुर्म का कोई पछतावा नहीं था. इतना जघन्य जुर्म करने के बाद भी, उसमें डर या पछतावा जैसी कोई भावना नहीं थी. इसके बजाय, उसने एक Policeवाले की बंदूक छीनने की कोशिश की और एस्कॉर्ट कर रहे Policeवालों को मारने की कोशिश की. इसलिए, उसके साथ जो हुआ, वह होना ही था.

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डीके/एबीएम